
- आर. अश्विन के टीम में अंदर-बाहर होने से गावस्कर नाखुश
- गावस्कर ने अश्विन को टीम के लिए जरूरी गेंदबाज बताया
Dainik Bhaskar
Oct 04, 2019, 07:24 PM IST
खेल डेस्क. पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने ऑफ स्पिनर आर. अश्विन के साथ हो रहे व्यवहार को लेकर शुक्रवार को भारतीय टीम मैनेजमेंट की आलोचना की। गावस्कर का कहना है कि भारतीय टीम जब भी टेस्ट क्रिकेट खेले, अश्विन को अंतिम एकादश में होना ही चाहिए। उन्होंने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि बीते दो सालों से अश्विन टेस्ट मैचों की प्लेइंग इलेवन से अंदर-बाहर होते रहे हैं। विंडीज के खिलाफ भारत की पिछली सीरीज में भी अश्विन की जगह पर रवींद्र जडेजा को तरजीह दी गई थी।
गावस्कर के मुताबिक, ‘अश्विन को निश्चित रूप से टेस्ट टीम में होना चाहिए। वे एक विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। बीते कुछ सालों में उनके साथ जो कुछ हुआ है, इसका असर उनके खेल पर भी पड़ा है। अगर आप लगातार अंदर-बाहर होते रहते हैं तो इसका सीधा असर आपके खेल और मनोबल पर पड़ता है। इसी वजह से उन्हें थोड़ा संघर्ष करना पड़ रहा है।’ गावस्कर ने ये बात भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच के तीसरे दिन आधिकारिक प्रसारणकर्ता के साथ बातचीत में कही।
तुलना करने को गलत बताया
गावस्कर ने कहा, ‘जब आपके आसपास के लोगों को आप पर भरोसा नहीं होता है, जब आप लगातार दरकिनार होते रहते हैं, तो आप थोड़ी बहुत कोशिश करते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है उनके साथ की जाने वाली छोटी-छोटी तुलनाएं उन्हें तकलीफ देती हैं। जब वे ऑस्ट्रेलिया में खेलते हैं तो उनकी तुलना नाथन लियोन से की जाती है। वो ऐसा कर रहे हैं, वैसा कर रहे हैं। लेकिन लियोन भारतीय बल्लेबाजों को गेंदबाजी कर रहे हैं। इसी तरह इंग्लैंड में जब मोईन अली 6 या 7 विकेट पाते हैं, तो आप कहते हैं उन्हें कोई विकेट नहीं मिला। ऐसा हो सकता है।’
दरकिनार नहीं किया जाना चाहिए
आगे उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है क्रिकेटिंग परफॉर्मेंस के अलावा भी ऐसा बहुत कुछ है, जिसकी वजह से किसी अन्य की तुलना में इतना अच्छा रिकॉर्ड रखने वाले खिलाड़ी(अश्विन) को दरकिनार किया जाता है। कोई शख्स जिसने करीब 350 विकेट लिए हों, उसे इस तरह नियमित रूप से दरकिनार होते हुए नहीं देखा जा सकता।’
अश्विन का करियर
आर. अश्विन ने भारत की ओर से अबतक 66 टेस्ट, 111 वनडे और 46 टी20 मैच खेले हैं, जिनमें उन्होंने क्रमशः 347, 150 और 52 विकेट लिए हैं। विशाखापट्टनम टेस्ट में भी शानदार गेंदबाजी करते हुए उन्होंने दक्षिण अफ्रीका की पहली पारी में पांच विकेट ले लिए।























