- दुनियाभर में लोग क्रिएटिव पोस्ट और मीम्स बनाकर #SaveAmazon अभियान चला रहे
- लोग ये भी कह रहे हैं- पेरिस के नोत्रोदेम कैथेड्रल को दोबारा बनाने के लिए पैसा खर्च कर सकते हैं तो अमेजन के लिए क्यों नहीं
- आग इतनी विकराल है कि एक मिनट में तीन फुटबाल मैदान जितना जंगल का हिस्सा स्वाहा हो रहा
Dainik Bhaskar
Aug 25, 2019, 08:59 AM IST
लाइफस्टाइल डेस्क. दुनिया को 20% ऑक्सीजन देने वाला अमेजन का जंगल जल रहा है। वन्यजीव और पौधों की 300 करोड़ प्रजातियां खुद को बचाने के लिए संघर्ष कर रही हैं। पिछले 2 साल में 100 करोड़ पेड़ आग की चपेट में पहले ही आ चुके हैं। हाल ही में यहां फैली आग का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। दक्षिण अमेरिका के 9 देश इससे जूझ रहे हैं। सोशल मीडिया पर #amazonfire ट्रेंड कर रहा है। दुनियाभर के लोग गुस्से में हैं और अपनी -अपनी तरह से क्रिएटिव पोस्ट और मीम्स बनाकर #SaveAmazon अभियान चला रहे हैं।
दुनियाभर के लोगों को एकजुट करने के लिए अलग-अलग तरह अपील और प्रदर्शन भी किया जा रहा है।
अपील : जंगल को बचाने के लिए प्रार्थना की अपील
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अमेजन के वर्षा वन को बचाने के लिए सोशल मीडिया पर प्रार्थना करने की अपील की जा रही है। ट्विटर पर फ्रेंच वैज्ञानिक हुबर्ट रीवेस का एक बयान वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने कहा है, इंसान धरती की सबसे उन्मादी प्रजाति है। वह अदृश्य ईश्वर की पूजा करता है लेकिन आंखों से दिखने वाली कुदरत को बर्बाद करता है। सोशल मीडिया यूजर्स देशों को अपने विवाद भूलकर अमेजन के जंगल के लिए एक साथ आने की अपील कर रहे हैं।
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गुस्सा : वर्षा वन की तुलना फ्रांस के चर्च नोत्रोदेम से

सोशल मीडिया यूजर आक्रोशित भी हैं क्योंकि उनका मानना है अभी भी दुनियाभर के लोग जंगल को बचाने की मुहिम में एकजुट नहीं हो रहे हैं। यूजर तबाह हुए जंगल की तुलना फ्रांस के 850 साल पुराने चर्च नोत्रोदेम से कर रहे हैं। 15 अप्रैल को चर्च में आगे लगने से यह ध्वस्त हो गया था। इसके जीर्णोद्धार के लिए पैसा जुटाया गया था और एक बड़ी राशि इकट्ठा हुई थी। यूजर्स का कहना है चर्च को दोबारा जीवित करने के लिए लोग इकट्ठा हुए लेकिन जंगल को बचाने के लिए नहीं सामने आए। सोशल मीडिया पर जारी एक तस्वीर में लिखा गया है नोत्रोदेम तो दोबारा बन सकता है अमेजन का जंगल नहीं।
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प्रदर्शन : बॉडी पेंटिंग कर आग की भयावहता को दिखाया

जंगल को बचाने के लिए प्रदर्शन सिर्फ सड़कों पर ही नहीं हो सोशल मीडिया पर भी यूजर बॉडी पेंटिंग के जरिए अपनी भावनाएं जाहिर कर रहे हैं। बॉडी पेंटिंग के जरिए आग आग की भयावहता और संघर्ष करते जानवरों को दर्शा रहे हैं। इसके साथ इंसानों और जानवरों को मिलकर इस त्रासदी से लड़ने के लिए प्रेरित करने वाली तस्वीरों को भी अभियान का हिस्सा बनाया जा रहा है। नतीजा है, लोग अब इस अभियान से जुड़े रहे हैं।
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