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Posted by Surinder Verma on Wednesday, June 17, 2020

कपिल देव जैसा दिखने के लिए रणवीर के दांत उभारे गए, भूमि ने 50 दिन रोज 12 घंटे तक पहना मास्क

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  • सायना बनने को परिणीति सीख रहीं बैडमिंटन, कैप्टन बत्रा का किरदार निभाने सिद्धार्थ ने अपनाया आर्मी डिसिप्लिन 
  • एक दर्जन से ज्यादा बायोपिक पर चल रहा काम, असल जैसा दिखने के लिए सितारे कर रहे बड़े जतन

Dainik Bhaskar

Aug 25, 2019, 12:37 AM IST

मुंबई (अमित कर्ण). बॉलीवुड में इन दिनों एक दर्जन से ज्यादा बायोपिक पर काम चल रहा है। कल्पना की बजाय सत्य घटनाओं से प्रेरित कहानियां निर्माताओं को खूब पसंद आ रही हैं। सैम बहादुर, छपाक, 83, सांड की आंख, करगिल गर्ल, शेरशाह, सायना बायोपिक और बिंद्रा बायोपिक आदि प्रमुख हैं। इनमें से कई मेन लीड के जब फर्स्ट लुक सामने आए तो लोगों ने दांतों तले उंगलियां दबा ली थीं। दरअसल बायोपिक में काम कर रही टीम के सामने एक चुनौती ये रहती है कि फिल्मी सितारे कैसे असल जैसे दिखें। आइए जाने कुछ चर्चित बायोपिक और किरदार के लुक के बारे में-

रणवीर सिंह (83) : भौंहों को हल्का किया गया, विग लगाया गया
फिल्म ‘83’ में रणवीर कपिल देव का किरदार निभा रहे हैं। रणवीर कपिल जैसे लगें, उसके लिए नेशनल अवॉर्ड विनर मेकअप आर्टिसट विक्रम गायकवाड़ की मदद ली गई। विक्रम से निर्देशक कबीर खान ने कहा था कि प्रॉस्थेटिक का इस्तेमाल नहीं करना है। ऐसे में रणवीर की मूंछें, भौंहें बड़ी की गईं। उन्हें स्पेशल विग लगाया गया। कंसीलर की हेल्प से भौंहों को हल्का किया गया। मेकअप की मदद से दो दांतों को उभारा गया। नाक के लिए जरूर प्रोस्थेटिक का इस्तेमाल हुआ।

परिणीति (सायना बायोपिक) : सायना बनने के लिए 9 माह सीखेंगी बैडमिंटन
सायना नेहवाल के रोल के लिए परिणीति चोपड़ा ने अप्रैल में दो से तीन हफ्ते रोजाना दो घंटे तक उनके वीडियोज देखे। मुंबई का एक स्पोर्ट्स क्लब भी मदद कर रहा है। अब तक उन्होंने खेल को सीखने के लिए तीन से चार महीने दिए। उनकी सुबह छह बजे होती थी और वे दो घंटे रोजाना बैडमिंटन के कोर्ट में जाती थीं। उन्हें कुल नौ महीने खेल सीखने पर देने हैं। परिणीति लंदन में दूसरी फिल्म की शूट के दौरान भी ट्रेनिंग को जारी रखेंगी। एक वर्ल्ड लेवल फिजियो भी साथ रहेंगे।

भूमि पेडणेकर (सांड की आंख): रोज पहनना पड़ता था झुर्रियों वाला चेहरा
फिल्म में उत्तर प्रदेश की शार्प शूट दादी का किरदार निभा रही भूमि पेडणेकर को 65 वर्ष की उम्र का दिखना था। पहले उन्होंने वजन बढ़ाया। उन्हें रबर कोटिंग का झुर्रियों वाला चेहरा रोजाना 12 घंटे पहना पड़ता था। यह सिलसिला 50 दिनों तक चला। तैयार होने में ही दो से तीन घंटे लग जाते थे। चंद्रो तोमर जी के अलावा बागपत के असल निशानची लोगों से तकनीकी सहायता मिलती रही। पूरा गांव ग्राउंड जीरो बन गया था। हर किसी की ट्रेनिंग असली बंदूकों और कारतूसों से हुईं।

सिद्धार्थ मलहोत्रा: (शेरशाह) :लंबाई कम दिखे इसलिए बिना हील के जूते पहने
सिद्धार्थ शेरशाह में परमवीर चक्र से सम्मानित कैप्टन विक्रम बत्रा का किरदार अदा कर रहे हैं। सिद्धार्थ और फिल्म की बाकी कास्ट ने इसके लिए आर्मी ड्रिल की। टीम ने आर्मी के हथियार चलाने भी सीखे। सिद्धार्थ परमवीर चक्र विजेता के परिवार, दोस्तों और सहकर्मियों के साथ रहे। आर्मी के डिसिप्लिन को फॉलो किया। सिद्धार्थ की हाइट विक्रम बत्रा से ज्यादा है। ऐसे में उन्हें मिलिट्री वाले हाई हील वाले बूट नहीं पहनाए जाएंगे। विग का भी इस्तेमाल होगा।