रक्षा बजट में 21% का इजाफा किया गया है जिसमें लगभाग ₹100000 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी और रक्षा आधुनिकीकरण पर जोर दिया गया है l भारत के रक्षा से संबंधित उद्योग को बल मिलेगा और एमएसएमई को रक्षा उद्योग से अधिक से अधिक जोड़ा जा सकेगा l
पहली बड़ी बात
मैन्युफैक्चरिंग और मेक इन इंडिया को बड़ा बूस्ट इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग के लिए बजट बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये किया गया है। इससे घरेलू उत्पादन बढ़ेगा, आयात घटेगा और भारत ग्लोबल सप्लाई चेन में मजबूत होगा। सेमीकंडक्टर मिशन ISM 2.0 से चिप इंडस्ट्री को नई रफ्तार मिलेगी।
अहम बात
MSME और छोटे उद्योगों को सीधी राहत सेल्फ रिलायंट इंडिया फंड के जरिए माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइजेज को पूंजी मिलेगी। ट्रांजेक्शन सेटलमेंट प्रोग्राम और क्रेडिट गारंटी सपोर्ट से नकदी संकट कम होगा। GEM पोर्टल को ट्रेड से जोड़ने से MSME को सरकारी खरीद में ज्यादा अवसर मिलेंगे।
बड़ी घोषणा
इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड निवेश
2026-27 में कैपेक्स 12.2 लाख करोड़ रुपये रखा गया है। इससे सीमेंट, स्टील, कंस्ट्रक्शन, इंजीनियरिंग और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को सीधा फायदा होगा। टियर 2 और टियर 3 शहरों के विकास के लिए 11.2 लाख करोड़ रुपये का आवंटन उद्योग विस्तार के नए बाजार खोलेगा।
महत्वपूर्ण पहलू
लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी में सुधार , 7 हाई स्पीड रेल कॉरिडोर और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से माल ढुलाई तेज और सस्ती होगी। इससे एक्सपोर्ट इंडस्ट्री, मैन्युफैक्चरिंग यूनिट और ई कॉमर्स सेक्टर की लागत घटेगी।
खास बात
टेक्सटाइल और पारंपरिक उद्योगों को नया जीवन मेगा टेक्सटाइल पार्क, नेशनल फाइबर स्कीम और हैंडलूम पॉलिसी से रोजगार सृजन और निर्यात दोनों बढ़ेंगे। टेक्सटाइल हब्स से MSME आधारित उद्योगों को क्लस्टर लेवल पर फायदा मिलेगा।
रणनीतिक घोषणा
फार्मा और बायो टेक सेक्टर को मजबूती बायो फार्मा शक्ति योजना के तहत 10000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। नए रिसर्च इंस्टीट्यूट, क्लिनिकल ट्रायल नेटवर्क और WHO ट्रेडिशनल मेडिसिन सेंटर से फार्मा और आयुष इंडस्ट्री का वैश्विक विस्तार संभव होगा।
दूरगामी सोच
स्किलिंग और प्रोफेशनल सपोर्ट
शॉर्ट टर्म मॉड्यूलर कोर्स, टियर 2 और 3 शहरों में ट्रेनिंग से उद्योगों को स्किल्ड मैनपावर मिलेगी। इससे कंपनियों की उत्पादकता बढ़ेगी और लागत घटेगी।




















