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Posted by Surinder Verma on Wednesday, June 17, 2020

यह ठंड का मौसम कम्प्रोमाइजड हेल्थ वालों के लिए जोखिम भरा करोना की दूसरी लहर पहली से अधिक गम्भीर साबित हो रही है, न छोड़ें एहतियात आयुर्वेदिक, होम्योपैथी व एलोपैथिक चिकित्सकों एकमत

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चंडीगढ़,सुनीता शास्त्री। दिल्ली की तर्ज पर चण्डीगढ़ में करोना के मरीजों के बढऩे की आशंका के कारण ही सेक्टर 17 बस स्टैंड पर करोना टेस्टिंग शुरू हुई है। लेकिन क्यों न और भी एहतियात बरते जाएं । यह कहना है वर्ल्ड मेडिकल एसोसिएशन के सलाहकार डॉ. रमणीक बेदी का। आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. राजीव कपिला, होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. एचके खरबंदा व एलोपैथिक चिकित्सक डॉ. रमणीक बेदी ने विचार-विमर्श कर अपने विचार शहरवासियों से सांझा किये। इन डॉक्टर्स ने सुझाव दिया कि सरकार को दोबारा से बढ़ते करोना मरीजों के मद्देनजर अभी स्कूल, कालेज, समारोहों की इजाजत नहीं देनी चाहिए। विश्व भर में तो लॉकडाउन दोबारा शुरू करने की बात हो रही है लेकिन हम उल्टी गिनती गिन रहें हैं।प्रशासन को चाहिए कि सेकंड वेव के ट्रेंड के मुताबिक ही लॉक डाउन में राहत का फैसला लें व तब तक मास्किंग, 2 गज की दूरी व सार्वजनिक स्थलों की सैनिटेशन की सख्ती से पालना करवाएं। ट्राईसिटी में कोविड के बढ़ते मामलों के आंकड़े के साथ दूसरी लहर पहली लहर से अधिक गंभीर साबित हो रही है। इन हालात को देखते हुए सभी सावधानियां बरतने की जरूरत है। संक्रमण से प्रभावित होने वाले 80 प्रतिशत लोगों को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं होती है। 20 प्रतिशत में मध्यम से गंभीर संक्रमण होता है, जिसमें अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता होती है। दूसरे, हमने देखा है कि यह बुजुर्ग और उच्च जोखिम वाली मेडिकल परिस्थितियों वाले होते हैं, जो शारीरिक तौर पर कमजोर होते हैं और ये 20 प्रतिशत के समूह में ही शामिल होते हैं। कुल मिला कर ये आयुर्वेदिक, होम्योपैथी व एलोपैथिक चिकित्सक कई मुद्दों पर एकमत थे।