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Posted by Surinder Verma on Wednesday, June 17, 2020

पूर्व उपमुख्यमंत्री  चन्द्र मोहन ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा गेहूं के समर्थन मूल्य बढ़ाये जाने में देश के अन्नदाता के साथ अन्याय किया गया है।

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पंचकूला 10 सितंबर- हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री  चन्द्र मोहन ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा गेहूं के समर्थन मूल्य बढ़ाये जाने में देश के अन्नदाता के साथ अन्याय किया गया था, उसी परम्परा को आगे बढ़ाते हुए ही हरियाणा सरकार ने गन्ने के मूल्य में 12 रुपए की बढ़ोतरी करके एक बार फिर हरियाणा के किसान को निराश किया है। जबकि पंजाब में गन्ने का रेट इस सीजन के लिए 50 रुपए बढ़ाया गया है। हरियाणा सरकार द्वारा की गई  इस बढ़ोतरी को नाकाफी बताते हुए उन्होंने मांग की है  कि गन्ने के मूल्य में पंजाब की तर्ज पर कम से कम 50 रुपए की दर से बढ़ोतरी की जाए ताकि किसानों की लागत पूरी हो सके।
चन्द्र मोहन ने हरियाणा के कृषि मंत्री जे पी दलाल के इस बढ़ोतरी के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल को पंजाब के किसानों की तरह मिठाई खिलाने के ब्यान पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि कृषि मंत्री ने यह नहीं बताया कि हरियाणा में भाजपा सरकार ने पिछले 7 साल में केवल 52 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ाए हैं, जबकि पंजाब ने एक बार में ही 50 रुपए की बढ़ोतरी की है। उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस के शासनकाल कुल गन्ने के रेट  193 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ाए जो 52 रुपए के मुकाबले में साढ़े तीन गुना से भी अधिक हैं। हां मिठाई केवल उस समय खिलाई जा सकती थी, अगर पंजाब से अधिक दाम बढ़ाए जाते। हरियाणा ने तो दाम बढ़ाए 3 प्रतिशत, जबकि पंजाब ने बढ़ाए 16 प्रतिशत । इससे हरियाणा सरकार का किसानों के प्रति असली चेहरा सामने आ गया है।
उन्होंने कहा कि गन्ने के मूल्य में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है जबकि किसानों की लागत 10 हजार रुपए प्रति एकड़ बढ़ गई है। अगर अकेले डीजल की बात करें तो किसान को डीजल पर 50 रुपए प्रति लीटर के हिसाब से कुल मिलाकर टैक्स देना पड़ता है। पिछले एक साल में डीजल के दामों    में 32 रुपए प्रति लीटर अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई है। एक बार तो आजाद भारत में भाजपा के शासनकाल में पट्रोल से    भी मंहगा डीजल हो गया था।
चन्द्र मोहन ने सुझाव दिया है कि भाजपा-जजपा सरकार इवेंट मैनेजमेंट को छोड़कर किसानों के हितों के बारे में सोचे। किसान पिछले 9 महीने से अपने अस्तित्व और बच्चों के भविष्य की लड़ाई लड़ रहे  हैं। उन पर  दमन और अत्याचारों को बंद करे अन्यथा अन्नदाता की आवाज आने वाले ‌चुनावों में भाजपा का सिंहासन हिला करके रख देगी।