*चंडीगढ़ में गौ सेवा आयोग बनाने की मांग, डिप्टी मेयर ने प्रशासक को लिखा पत्र*
*चंडीगढ़ में भी हो गौ सेवा आयोग: डिप्टी मेयर*
पिछले कुछ दिन पहले रायपुरकलां गौशाला में गाय की हुई मृत्यु पर चंडीगढ़ की डिप्टी मेयर तरुणा मेहता ने पंजाब के गवर्नर व चंडीगढ़ के प्रशासक श्री गुलाबचंद कटारिया जी को पत्र लिखते हुए कहा कि अब चंडीगढ़ में गौ सेवा आयोग या गौ सेवा संरक्षण मिशन की मांग की है उन्होंने कहा कि भारत के बहुत से राज्य जैसे पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश आदि में गाय की देखभाल के लिए गौ सेवा आयोग आदि बने हुए है पत्र में लिखते हुए उन्होंने कहा कि भारत के कई राज्यों में गौवंश की देखभाल, संरक्षण और गौशालाओं की निगरानी के लिए गौ सेवा आयोग या गौ संरक्षण मिशन बनाए गए हैं, जिससे वहां की गौशालाओं की स्थिति में काफी सुधार हुआ है। दुर्भाग्यवश, चंडीगढ़ जैसे विकसित और संवेदनशील शहर में अब तक ऐसा कोई स्थायी और मजबूत तंत्र नहीं है।
हाल ही में चंडीगढ़ की एक गौशाला में सैकड़ों गायों और बछड़ों की मौत की खबरें सामने आईं, जिसने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया। यह घटना साफ दिखाती है कि यहां गौवंश की देखरेख में गंभीर कमियां हैं और समय रहते कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं बनाई गई तो भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा हो सकती हैं।
चंडीगढ़ में मौजूदा कमियां
– गौशालाओं की नियमित निगरानी और जांच की कोई ठोस व्यवस्था नहीं
– चारे, साफ-सफाई और पशु चिकित्सा सुविधाओं की भारी कमी
– गौशालाओं को मिलने वाली सहायता अनियमित और अपर्याप्त
– सड़कों पर बेसहारा घूमती गायों की कोई स्थायी योजना नहीं
– जिम्मेदारी तय न होने से लापरवाही और अव्यवस्था
गौ सेवा आयोग / मिशन बनने से होने वाले फायदे
– गौवंश की देखभाल के लिए एक जिम्मेदार और जवाबदेह संस्था
– गौशालाओं की नियमित जांच और सुधार
– गायों की भूख, बीमारी और उपेक्षा से होने वाली मौतों पर रोक
– प्रशासन, समाज और गौशालाओं के बीच बेहतर तालमेल
– भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सकेगा
भविष्य में गौ सेवा आयोग / मिशन की जिम्मेदारियां
– चंडीगढ़ की सभी गौशालाओं का पंजीकरण और निगरानी
– गायों के लिए समय पर इलाज, टीकाकरण और आपातकालीन सुविधा
– चारा, पानी और साफ-सफाई की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करना
– सड़कों पर घूम रहे बेसहारा गौवंश का सुरक्षित पुनर्वास
– गौशालाओं को नियमित आर्थिक सहायता दिलाना
– समाज को गौ सेवा के प्रति जागरूक करना
चंडीगढ़ की गौशालाओं को होने वाले लाभ
– समय पर फंड और संसाधन मिलने से बेहतर व्यवस्था
– गायों की सेहत और जीवन सुरक्षा में सुधार
– कर्मचारियों और प्रबंधन की जवाबदेही तय होना
– अचानक होने वाली मौतों और अव्यवस्था पर रोक
– गौशालाएं सही मायनों में सेवा केंद्र बन सकेंगी
मान्यवर,
चंडीगढ़ में हुई हालिया घटनाएं यह साफ संकेत देती हैं कि अब और देर करना उचित नहीं है। यदि समय रहते गौ सेवा आयोग या गौ संरक्षण मिशन का गठन किया जाता है, तो यह न केवल गौवंश की रक्षा करेगा बल्कि समाज में प्रशासन के प्रति विश्वास भी मजबूत करेगा।
अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि जनभावनाओं और गौवंश की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चंडीगढ़ में शीघ्र ही गौ सेवा आयोग / गौ संरक्षण मिशन के गठन के आदेश देने की कृपा करें।
सधन्यवाद।
डिप्टी मेयर
तरुणा मेहता
पार्षद
वार्ड 18, चंडीगढ़।
9888898680




















