
दिल्ली निवासी अशोक पूरी ने शिकायत दी है कि वह एनआईआर है। मयूर मुकुल को वह कुछ सालों से जानता है। वह उससे यूएई में भी फ्रॉड कर चुका है। उसने वहां पर पैसे इनवेस्टमेंट के लिए उसे लालच दिया था। इनवेस्टमेंट कराने के लिए अपना भरोसा जीताने के लिए उसने उसे गारंटी के तौर पर 150 करोड़ रुपए का चेक दिया था। बाद में वह चेक गलत निकला। उसने उससे एस्सार प्रोजेक्ट में इनवेस्ट करने के नाम पर पांच करोड़ रुपए लिए थे। उसने उसके पैसे वापस नहीं किए। मयूर ने उसे इंद्रदीप सिंह ने मिलवाया। उसने उसे बताया था कि वे यमुनानगर में एक बड़ा एजुकेशन इंस्टीट्यूट चलाते हैं। उनकी चौधरी लेखराज एजुकेशन एंड चैरिटेबल ट्रस्ट है। इंद्रपाल सिंह ने बताया था कि सतपाल सिंह ट्रस्ट के सेक्रेटरी हैं। वह उनकी बातोंं में आ गया और 28 दिसंबर 2018 को उनके साथ पैसे इनवेस्टमेंट के लिए एग्रीमेंट कर लिया। उसने 15 करोड़ रुपए इनवेस्ट किए। आरोप है कि उसे पता चला कि जो एग्रीमेंट के कागजात हैं वे फर्जी हैं।
यमुना ग्रुप संचालक बोले- ठगी तो हमसे हुई, एग्रीमेंट कर पीछे हटा एनआरआई
आरोप- इनवेस्टर ने भरोसा जीतने के लिए 150 करोड़ का थमाया फर्जी चेक और पांच करोड़ लिए
भास्कर न्यूज | यमुनानगर
इनवेस्टमेंट के नाम पर एनआरआई ने धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। आरोप है कि इनवेस्टर ने उनका भरोसा जीतने के लिए 150 करोड़ रुपए का चेक दिया। जांच में वह गलत निकला। इसके बाद इनवेस्टर ने चौधरी लेखराज एजुकेशन एंड चैरिटेबल ट्रस्ट में पैसा इनवेस्ट कराए। उसने 15 करोड़ रुपए इनवेस्ट कर दिए। आरोप है कि यहां पर उससे 15 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी हुई है। इतना ही नहीं उसने पैसे वापस मांगे तो उसे धमकियां दी गई और यमुनानगर में उस पर हमला भी हुआ।
उधर, ट्रस्ट और यमुना ग्रुप संचालक इंद्रपाल सिंह ने कहा कि ठगी तो उनसे हुई है। एनआरआई ने पहले तो उनके साथ इनवेस्टमेंट का एग्रीमेंट किया और बाद में खुद ही पीछे हट गया। इससे उन्हें काफी नुकसान हुआ। अब उन पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं।
उधर, एनआरआई अशोक पूरी की शिकायत पर चौधरी लेखराज एजुकेशन एंड चैरिटेबल ट्रस्ट के यमुना कॉलेज संचालक इंद्रपाल सिंह और दिल्ली निवासी इनवेस्टर मयूर मुकुल पर धारा-323, 420, 120बी में केस दर्ज किया है। शिकायतकर्ता इन दिनों लंदन में है। शहर यमुनानगर एसएचओ रतनलाल का कहना है कि केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दिल्ली निवासी एनआईआर ने ये आरोप लगाए
धमकी दी, हमला भी हुआ
शिकायतकर्ता का आरोप है कि पैसे वापस मांगने पर उसे धमकियां दी गई। वह एक दिन यमुनानगर आया हुआ था। जब वह संतपुरा रोड पर था तो पांच लोगों ने उसकी कार रोक ली। शीश तोड़ दिया और उसका कॉलर पकड़ लिया। उससे मारपीट कर कुछ कागजात पर जबरदस्ती साइन करा लिए। पीड़ित का कहना है कि वह एनआरआई है, इसलिए उसे इंडिया में बहुत कम लोग जानते हैं।
मयूर विदेशों तक में इनवेस्ट कराता है
मयूर मुकुल कई बड़ी कंपनियों में लोगों का पैसा इनवेस्ट करता है। वह बड़ी इनवेस्टमेंट कंपनी में एमडी है। वहीं चौधरी लेखराज एजुकेशन एंड चैरिटेबल ट्रस्ट का यमुना ग्रुप गधौली में है। यमुना ग्रुप की हालत भी कई सालों से पतली बताई जा रही है। कई साल पहले इस पर लोन कराने के नाम पर संचालकों से ठग का मामला भी सामने आया था।
हम पैसा देने को तैयार, 25 लाख दे चुके: इंद्रपाल सिंह



















