आर्ट एंड लिटरेरी ज़ोन ने बसंत पंचमी का उत्सव उत्साह और उमंग से मनाया
सीनियर सिटीजन काउंसिल पंचकूला के आर्ट एंड लिटरेरी ज़ोन की मासिक गोष्ठी में बसंत पंचमी मनाई गई। इस अवसर पर माँ सरस्वती की मूर्ति पर माल्यार्पण करके दीप प्रज्जवलित किया गया। प्रोमिला गोयल और अनिमेष गोयल ने सरस्वती वंदना की। तत्पश्चात सबको प्रसाद वितरित किया गया।कमलेश गेरा, अनीता मेहंदीरत्ता, एम एल ढांढ, दविंदर सोढ़ी का केक काट कर जन्मदिन भी मनाया गया।
आए हुए सदस्यों का स्वागत अनिमेष गोयल ने और गोष्ठी का संचालन रेणु अब्बी रेणू ने कुशलता से किया। इस अवसर पर बोलते हुए काउंसिल के अध्यक्ष रविंद्र शर्मा ने वरिष्ठ नागरिकों की सृजनशीलता और सकारात्मकता को सराहा और काउंसिल में होने वाली गतिविधियों की जानकारी दी। डॉ. नीरू मित्तल नीर ने ‘कामदेव ने स्वयं मंडप सजाया है’, अनिमेष गोयल ने ‘उत्सवों की ऋतु’, सुनील मिनोचा ने ‘बसंत ऋतु का प्यारा मौसम’, एच सी गेरा ने ‘दोनों खुश थे, बहुत खुश थे’, वलिंदर कौर ने ‘वीणा वादिनी ज्ञान की देवी’, अचला डिंगले ने ‘अंबर में होगी रंग बिरंगी पतंग’ कविताएं प्रस्तुत कीं।
रेणु अब्बी रेणू, संतोष गर्ग और अनीता मेहंदीरत्ता ने ‘ए मेरे प्यारे वतन’ गीत गाया। आर सी शर्मा ने वीर हकीकत राय के बारे में बताया। प्रोमिला गोयल, कमलेश गेरा, मोहिनी सचदेवा ने नववर्ष और बसंत पंचमी पर प्रस्तुतियां दीं। आभा साहनी ने ‘यादों की गुल्लक’, देवेंद्र सोढ़ी ने ‘चली रे पतंग’, सचिव विजय सचदेवा ने ‘मौसम की मस्तियां हैं’, किरण आहूजा ने ‘चाय की चाह’ कविताएं सुनाईं। रविंद्र मित्तल ने ‘छिप छिपकर आंसू बहाने वालों’, जसविंदर कौर ने ‘ओ बसंती पवन’, उषा गर्ग ने ‘बांध लिया है जिन्होंने कफन’ और किरण गुप्ता ने संस्मरण सुनाए।
चरणजीत सिंह ने ‘चल चलिए उस गांव’, सूक्ष्म अग्रवाल ने ‘साँसो की माला’, एम एल ढांढ ने ‘मेरा रंग दे बसंती चोला’, राज ढींगरा, प्रेम ढींगरा ने ‘ज़रा देर लगेगी’, जसपाल सोढ़ा ने ‘मेरे शौक का नहीं एतबार’, सुशील चोपड़ा ने मोनोएक्टिंग प्रस्तुत की। अंत में ज़ोन की अध्यक्षा नीरू मित्तल ने सभी का धन्यवाद दिया। सब ने एक दूसरे को बसंत पंचमी की बधाई दी और खुशनुमा माहौल में गोष्ठी का समापन हुआ।




















