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Posted by Surinder Verma on Wednesday, June 17, 2020

सुर संगम की सुरमयी श्रद्धांजलि: किशोर कुमार और आर.डी. बर्मन के सदाबहार नगमों से गूंज उठा इंद्रधनुष ऑडिटोरियम

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चंडीगढ़, 22 फरवरी 2026: सुर संगम, पंचकूला द्वारा किशोर कुमार एवं आर.डी. बर्मन म्यूजिकल नाइट का भव्य आयोजन सुर संगम के संस्थापक डॉ. प्रदीप भारद्वाज के नेतृत्व में इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में किया गया।

इस अवसर पर पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश तथा ट्राईसिटी के प्रतिभाशाली गायकों ने स्वर्गीय किशोर कुमार द्वारा गाए गए और संगीतकार आर.डी. बर्मन द्वारा संगीतबद्ध सदाबहार गीत प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। यह यादगार संध्या भारत के दो महान संगीत पुरोधाओं—गायक किशोर कुमार और संगीतकार आर.डी. बर्मन—को समर्पित रही।

इस वर्ष का मुख्य आकर्षण नई दिल्ली स्थित प्रसिद्ध संगीत बैंड रहा, जिसका नेतृत्व रमेश मिश्रा कर रहे थे। अपनी ऊर्जावान और शानदार लाइव प्रस्तुतियों के लिए यह बैंड बॉलीवुड के शीर्ष गायकों की पहली पसंद माना जाता है।

कार्यक्रम में 10 वर्ष से 66 वर्ष तक के बच्चों, युवाओं और वरिष्ठ गायकों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने एकल एवं युगल प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी गायन प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिसे दर्शकों ने भरपूर सराहना दी।

मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध बॉलीवुड संगीत निर्देशक दिलीप सेन उपस्थित रहे। इस अवसर पर पूर्व अध्यक्ष एचएमसी डॉ. आर.के. अनेजा, आईएएस डॉ. जे. गणेशन तथा प्रो. डॉ. नरेश ज्योति भी सम्मानित अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।

डॉ. प्रदीप भारद्वाज ने जब पूरे जोश और आत्मविश्वास के साथ “बचना ऐ हसीनों लो मैं आ गया” प्रस्तुत किया, तो मानो पूरा सभागार ऊर्जा से भर उठा। उनके अंदाज़, मंच-संचालन और अभिव्यक्ति ने गीत में नई जान डाल दी। दर्शक झूम उठे और तालियों की गूंज देर तक सुनाई देती रही।

इसके बाद सुमन और डॉ. प्रदीप की युगल प्रस्तुति “जा ने जा ढूंढता फिर रहा” ने माहौल को पूरी तरह रोमांटिक रंग में रंग दिया। दोनों की सुरमयी जुगलबंदी, भावपूर्ण अभिव्यक्ति और सहज तालमेल ने गीत को जीवंत कर दिया।

डॉ. कपिल ने “मुसाफिर हूं यारों” से खूब तालियां बटोरीं। जगदीश ढांडा और डॉ. प्रदीप की “आती रहेंगी बहारें”, डॉ. रोजी की “तूने ओ रंगीले” तथा डॉ. मनीषा की “तुझसे नाराज़ नहीं जिंदगी” ने विशेष सराहना पाई।

कार्यक्रम को वॉइस ऑफ पंजाब-16 में जज रहे संगीत निर्देशक सुखपाल सुख ने जज किया। साउंड की जिम्मेदारी कुमार बिट्टू ने संभाली, जबकि मंच संचालन परविंदर कौर ग्रोवर ने किया।

कार्यक्रम के समापन पर आयोजक डॉ. प्रदीप भारद्वाज ने विद्यालय की विभिन्न गतिविधियों में अव्वल रहे विद्यार्थियों तथा आईटीबीपी के विभिन्न श्रेणियों में स्वर्ण पदक विजेता कैडेट्स को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया। इनमें दो कैडेट्स ने कार्यक्रम में अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया।