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Posted by Surinder Verma on Wednesday, June 17, 2020

सत्यधरम बोधोत्सव विशेष सत्र का देव समाज के सचिव ने आयोजन किया

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चंडीगढ़, सुनीता शास्त्री। देव समाज कॉलेज ऑफ एजूकेशन, में चल रहे सत्यधरम बोधोत्सव में देव समाज के सचिव एवं देव समाज प्रबंधन समिति के अध्यक्ष श्रीमान निर्मल सिंह जी ढिल्लों द्वारा एक विशेष सत्र का संचालन किया । उन्होंने समझाया कि मानसिक पागलपन एक बीमारी है जो अलग-अलग समय पर सबसे खराब मानव व्यवहार की ओर ले जाती है, जैसे विश्व युद्ध। इस समस्या के कारण ही, जोन ऑफ आर्क, अब्राहम लिंकन, सुकरात, बू्रनो और कोपरनिकस की हत्या कर दी गयी। देव समाज के संस्थापक भगवान देव आत्मा को इस दर्दनाक हकीकत के बारे में तब पता चला, जब उन्होंने यह प्रतिपादित किया कि आत्मा भी सृष्टि में बाकी सब चीजों की तरह ही विकसित होती है। श्रीमान जी ने कहा कि समस्याएं तब आती हैं जब महत्वपूर्ण बात गौण हो जाती है, और साधारण चीजों को महत्व दिया जाता है; जैसे कि स्वास्थ्य के बजाय स्वाद को प्राथमिकता देने लगना। उन्होंने आगे बताया कि जब खुशी के लक्ष्य को पूरा करने के बजाय व्यक्ति धन, प्रसिद्धि और ऐशो आराम को प्राथमिकता देने लगता है, तो यह पतन की ओर ले जाता है। मानव दृष्टि जब लालच और ईष्र्या से घिर जाती है, तब वास्तविकता का एक विकृत रूप सामने आता है, जो समस्याओं को जन्म देता है।दर्शकों को श्रीमन जी के विचार आसानी से समझ में आये, जब उन्होंने भारत विभाजन के दौरान देखे गए पागलपन का उदाहरण दिया। यह पागलपन आत्मा के क्षरण और जीवनी शक्ति की कमजोरी की वजह बनता है। इससे पहले, दिल को छू लेने वाली एक धुन -हमारे पूजनीय सद्गुरु जी तुम हो धन्य ने दिन की एक बेहतरीन शुरुआत की। डॉ. (श्रीमती) मधु प्राशर, सदस्य, देव समाज प्रबंध परिषद, ने भी एक सत्र का संचालन किया। उन्होंने मानव जीवन में सत्यता की आवश्यकता विषय पर बात की। रविवार को सत्यधरम बोधोत्सव का समापन होगा।