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Posted by Surinder Verma on Wednesday, June 17, 2020

डीएस ढेसी रिटायर, केशनी आनंद बनीं हरियाणा की 5वीं महिला मुख्य सचिव

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  • इनकी दो सगीं बहनें भी रह चुकी हैं प्रदेश में इसी पद पर, देश में पहली बार ऐसा उदाहरण 
  • बड़ी बहन मीनाक्षी आनंद 2005 में और उर्वशी गुलाटी 2009 में रह चुकी हैं सीएस, हरियाणा कैडर के 1983 बैच की टॉपर थीं केशनी

Dainik Bhaskar

Jul 01, 2019, 04:52 AM IST

मनोज कुमार | चंडीगढ़ . हरियाणा कैडर की 1983 बैच की टॉपर आईएएस केशनी आनंद अरोड़ा को प्रदेश की नई मुख्य सचिव बनाया गया है। 31 दिसंबर 2014 से इस पद पर तैनात डीएस ढेसी रविवार को रिटायर हो गए। शाम 5 बजे केशनी ने कार्यभार ग्रहण किया। केशनी से पहले उनकी बड़ी बहन मीनाक्षी आनंद चौधरी प्रदेश की पहली महिला मुख्य सचिव रह चुकी हैं। इसके बाद उनकी बहन उर्वशी गुलाटी भी मुख्य सचिव रही हैं। देश का यह पहला मामला है, जब तीन बहनें किसी एक प्रदेश की ही मुख्य सचिव बनी हैं। केशनी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा, ‘पिता जगदीश चंद्र का आज वह सपना पूरा हो गया, जो उन्होंने देखा था।

उनका सपना था कि तीनों बहनें मुख्य सचिव के पद तक पहुंचे। केशनी पाॅलिटिकल साइंस में एमए व एमफिल में टॉपर रहीं हैं। वे प्रदेश की 33वीं मुख्य सचिव बनी हैं। उनसे पहले 4 महिला आईएएस इस पद तक पहुंची हैं। केशनी की दो  बहनों के अलावा प्रोमिला इस्सर (31 अगस्त 2007 से 29 फरवरी 2008) व शकुंतला जाखू (31 जुलाई 2014 से 30 नवंबर 2014) भी प्रदेश की सीएस रह चुकी हैं। अरोड़ा सितंबर 2020 में रिटायर होंगी। उधर, ढेसी को भी सरकार कोई बड़ा पद सकती है।

  • छोटी बहन केशनी के पति नरेंद्र डीजी हेल्थ के पद से रिटायर हैं। वे चंडीगढ़ के अस्पताल में कंसल्टेंट हैं। बेटी रेवती की शादी हाे चुकी है। दूसरी बेटी श्रुति आईपीएस हैं, जिनकी ट्रेनिंग चल रही है।
  • सबसे बड़ी बहन मीनाक्षी आनंद चौधरी 1969 बैच की आईएएस रही हैं। वे 8 नवंबर 2005 से 30 अप्रैल 2006 तक मुख्य सचिव रहीं।
  • 1975 बैच की आईएएस उर्वशी गुलाटी 31 अक्टूबर 2009 से 31 मार्च 2012 तक मुख्य सचिव रहीं।

पिता बंटवारे के बाद पाक के रावलपिंडी से आए, पहले दिल्ली में किराए के मकान में रहे, फिर अम्बाला में प्रोफेसर बने, तीनों बेटियों को सीएस बनाने का सपना पूरा हुआ : केशनी आनंद अरोड़ा ने बताया, ‘बंटवारे के वक्त परिवार रावलपिंडी रहता था। उस समय बड़ी बहन मीनाक्षी ही थी। पिता जगदीश चंद्र परिवार के साथ दिल्ली आ गए और किराए के मकान में रहने लगे। पढ़ाई-लिखाई के जरिए परिवार की गुजर बसर शुरू हुई। बाद में पिता अम्बाला के जीएमएन कॉलेज में पॉलिटिकल साइंस के प्रोफेसर लगे। इसके बाद उर्वशी और मेरा जन्म हुआ।

पिता जालंधर व चंडीगढ़ में भी प्रोफेसर रहे। बड़ी बहन मीनाक्षी ने मेहनत की और 1969 में आईएएस बन गईं। तब हम छोटी बहनों ने भी यही टारगेट तय किया। मां गृहिणी रहीं। उन्होंने हम तीनों बहनों को एक ही सीख दी कि पढ़ो और कुछ करना है। बड़ी बहन आईएएस बनी तो मां यही कहती थी कि मीनाक्षी की एकेडमी में नहीं जाना है। अपनी पढ़ाई करो। पिता ने तीनों बहनों को पढ़ाया। आईएएस बनाया। वे चाहते थे कि तीनों बेटियां मुख्य सचिव पद तक पहुंचे। आज उनका सपना पूरा हो गया। मेरी प्राथमिकता सामाजिक कार्य करते हुए सरकार की नीतियां लोगों तक पहुंचाना है।’

प्रदेश की पहली महिला डीसी रहीं, 9 अवॉर्ड मिल चुके : 20 सितंबर 1960 में पंजाब में जन्मी केशनी प्रदेश की पहली महिला उपायुक्त भी रही हैं। यमुनानगर में 16 अप्रैल 1990 से 1 जुलाई 1991 तक उपायुक्त रहीं। सर्विस में रहते इंटरनेशनल लेवल के बेस्ट स्टेट फॉर कंजर्वेशन एवं प्रिजर्वेशन ऑफ हैरिटेज समेत 9 अवाॅर्ड मिल चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया के पश्चिमी सिडनी विश्वविद्यालय से एमबीए की डिग्री हासिल की है।