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Posted by Surinder Verma on Wednesday, June 17, 2020

पार्क हॉस्पिटल मोहाली ने हृदय रोगियों के लिए एडवांस हार्ट वाल्व क्लिनिक की शुरुआत की: डॉ. सिद्धार्थ गर्ग

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चंडीगढ़: शनिवार को यहां आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पार्क हॉस्पिटल, मोहाली के डॉक्टरों की टीम, डायरेक्टर –सीटीवीएस डॉ. सिद्धार्थ गर्ग, एसोसिएट डायरेक्टर-कार्डियक एनेस्थीसिया डॉ. अर्जुन जोशी, एसोसिएट डायरेक्टर-इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी डॉ. संकल्प शर्मा और सीनियर कंसलटेंट-इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी डॉ. सचिन बंसल ने कार्डियक केयर प्रबंधन पर प्रकाश डाला।
डॉ. सिद्धार्थ गर्ग ने कहा, “इस वर्ष के विश्व हृदय दिवस की थीम—’डोंट मिस ए बीट’—हृदय रोगों के चेतावनी संकेतों और लक्षणों को पहचानने और समय पर चिकित्सा सहायता लेने के महत्व पर जोर देती है। यह अभियान लोगों को उन लक्षणों की पहचान करने में मदद करने पर केंद्रित है, जिन्हें अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है।”
इस अवसर पर, पार्क हॉस्पिटल मोहाली ने एक समर्पित ‘हार्ट वाल्व क्लिनिक’ शुरू करने की भी घोषणा की। क्लीनिक में हर शनिवार को मुफ्त ईको स्क्रीनिंग और आईएनआर टेस्ट उपलब्ध रहेगा, ताकि शुरुआती चरण में ही वाल्व के मरीजों की पहचान की जा सके और उन्हें सर्वोत्तम उपचार का विकल्प प्रदान किया जा सके। पार्क हॉस्पिटल पिछले 6 महीनों में पहले ही 100 सफल वाल्व सर्जरी कर चुका है।
डॉ. संकल्प शर्मा ने कहा, “हालिया आंकड़ों के अनुसार, शहरी आबादी का लगभग 30 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली 15 प्रतिशत आबादी हाई बीपी और हार्ट अटैक से पीड़ित है।”
डॉ. सचिन बंसल ने कहा कि जैसे-जैसे हृदय रोगों के जोखिम कारक बढ़ रहे हैं, वैसे-वैसे मृत्यु दर भी बढ़ रही है।
डॉ. अर्जुन जोशी ने कहा, “टाइप 2 डायबिटीज से पीड़ित मरीजों में सामान्य आबादी की तुलना में हृदय रोग का खतरा 2 से 3 गुना अधिक होता है। भारत में वर्तमान में 100 मिलियन लोग मधुमेह से पीड़ित हैं और 2035 तक यह संख्या बढ़कर 135 मिलियन होने की उम्मीद है।”
डॉ. सिद्धार्थ ने कहा कि वर्तमान परिदृश्य को देखते हुए प्रिवेंटिव हेल्थ केयर पर तुरंत जोर देने की आवश्यकता है। इसमें बीमारी और इसके जोखिम कारकों के बारे में जागरूकता बढ़ाना शामिल है। बड़े पैमाने पर जागरूकता पैदा करने के लिए सार्वजनिक शिक्षा कार्यक्रम, कार्यशालाएं और परामर्श सत्र आयोजित किए जाने चाहिए।