दैनिक भास्कर
Apr 22, 2020, 07:37 AM IST
तलवाड़ा. कस्बे में पिछले चार माह से मवेशियों का शिकार करने वाला पैंथर अभी तक लाेगाें की नजराें से दूर था, लेकिन साेमवार काे रात 7.30 बजे काेठारा क्षेत्र में अारके मार्बल के पास रात्री गश्त के दाैरान पैंथर की चहलकदमी देखी गई। चौकीदार बंद जीप में थे, लेकिन कुत्तों के भौंकने पर उन्होंने पत्थरों में टॉर्च से देखा ताे वहां पर पैंथर बैठा हुअा था। थाेड़ी देर देखने के बाद पैंथर वहां से चला गया। क्षेत्र में पैंथर तीन माह में कई मवेशियों का शिकार कर चुका है। ग्राम पंचायत केवड़िया फाटीखान के के सरपंच राेशन लाल ने बताया कि पहले भी कई बार पैंथर की मौजूदगी महसूस की गई है। सहायक वनपाल जयवंत रावल ने बताया कि यह पैंथर केवड़िया, काेठारा अाैर पूंजाबारा गांव के बीच में घूमता है। वहां पर इसके पगमार्क मिले हैं। दाे दिन पहले भी उसे एक गाय के बच्चे का शिकार किया था। कई बार उसे पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया गया। लेकिन पैंथर पिंजरे में नहीं अाया, वह पिंजरे से 10 मीटर दूर से ही चला जाता है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों काे भी अवगत कराया गया है। ये पैंथर अकेला नहीं है, उसके बच्चे भी हैं।



















