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Posted by Surinder Verma on Wednesday, June 17, 2020

आज भगवान परशुराम भवन सेक्टर 37 के सभागार में ब्राह्मण सभा चंडीगढ़ और देवालय पूजक परिषद के सम्मिलित आयोजन द्वारा पूज्य पाद ब्रह्मलीन जगतगुरु शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती जी को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए

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आज भगवान परशुराम भवन सेक्टर 37 के सभागार में ब्राह्मण सभा चंडीगढ़ और देवालय पूजक परिषद के सम्मिलित आयोजन द्वारा पूज्य पाद ब्रह्मलीन जगतगुरु शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती जी को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए जय मधुसूदन जय श्री कृष्ण फाउंडेशन की ओर से गुड़हल का एक फूलदार पौधा परिसर में लगाया गया और इस पौधारोपण के माध्यम से महान विभूति को सादर नमन करते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। इस पावन कार्यक्रम में व्यासपीठ से आचार्य श्री विजय शास्त्री जी ने शंकराचार्य पद की महता और परम पूज्य ब्रह्मलीन शंकराचार्य जी के जीवन से संबंधित कई महत्वपूर्ण शिक्षाप्रद बातें बताई। सभा को संबोधित करते हुए ब्राह्मण सभा के अध्यक्ष श्री यशपाल तिवारी जी एवं देवालय पूजक परिषद के महासचिव पंडित ओम प्रकाश शास्त्री जी ने परम पूज्य शंकराचार्य जी के जीवन के अनुकरणीय महत्वपूर्ण बातों को बताते हुए सभी श्रद्धालु का हृदय से धन्यवाद किए। जय मधुसूदन जय श्री कृष्ण फाउंडेशन के संस्थापक एवं निदेशक प्रभुनाथ शाही ने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए बताया कि परम पूज्य शंकराचार्य जी के जीवन से हमें प्रेरणा लेते हुए अपने प्रकृति और पर्यावरण के महत्व पर ध्यान देना चाहिए और प्रकृति में परमेश्वर का दर्शन करते हुए जो भी वस्तु अपने जीवन उपयोग के लिए प्रकृति से ग्रहण कर रहे हैं उससे ज्यादा अपने कार्यों के द्वारा प्रकृति संरक्षण के प्रति समर्पित होना चाहिए। वास्तव में हमारा पर्यावरण ही हमारा भगवान है और हम सभी प्रकृति के पंच तत्व से उत्पन्न होते हैं और उसी में हमारा अंत होता है। इसलिए भगवान रूपी पांच तत्व भूमि, गगन ,वायु ,अग्नि और नीर के महत्व को अवश्य समझना चाहिए।