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Posted by Surinder Verma on Wednesday, June 17, 2020

पाक का दावा- श्रीलंकाई राष्ट्रपति ने कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता की पेशकश की, सिरिसेना ने नकारा

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  • पाक उच्चायुक्त ने श्रीलंकाई राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना से कश्मीर मुद्दे पर चर्चा की
  • मुलाकात के बाद सिरिसेना ने कश्मीर मसले पर कुछ भी बोलने से भी इनकार कर दिया
  • पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने गुरुवार को कश्मीर कोर ग्रुप के साथ बैठक की

Dainik Bhaskar

Aug 23, 2019, 08:55 AM IST

कोलंबो. पाकिस्तान के उच्चायुक्त मेजर जनरल शाहिद अहमद हशमत ने श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना से मुलाकात कर कश्मीर के वर्तमान हालात पर चर्चा की। इसके बाद पाक ने दावा किया है कि श्रीलंकाई राष्ट्रपति ने कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता की बात कही है। वहीं, सिरिसेना ने इस बात से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने पाक उच्चायुक्त से मुलाकात के बाद कश्मीर मामले में कुछ भी बोलने से भी इनकार कर दिया।

राष्ट्रपति भवन ने बयान में कहा है कि सिरिसेना ने पाक उच्चायुक्त को बात करने के लिए बुलाया था। उन्होंने कहा कि श्रीलंका सिर्फ क्षेत्रिए स्तर पर इस मुद्दे को सुलझाने की बात कर रहा था, क्योंकि दोनों देश के बीच अच्छे रिश्ते हैं। वे नहीं चाहते कि रिश्ते और खराब हो जाएं।

पाक उच्चायुक्त ने सिरिसेना से मुलाकात की

कोलंबो में पाक के उच्चायुक्त ने बुधवार को सिरिसेना से मुलाकात की थी। उन्होंने दावा किया था कि सिरिसेना ने भी माना है कि जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को खत्म करना संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के प्रस्ताव का उल्लंघन किया है। सिरिसेना ने यूएनएससी में कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता की बात कही है।

कश्मीर मुद्दे पर इमरान की बैठक

दूसरी ओर, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने गुरुवार को कश्मीर कोर ग्रुप के साथ बैठक की। इस दौरान चर्चा की गई कि कश्मीर मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दमदारी के साथ उठाने के लिए कौन से जरूरी कदम उठाए जाएं। पाक पीएमओ ने कहा कि भारत ने कश्मीर में गैर-कानूनी रूप से अनुच्छेद 370 को खत्म किया है। कश्मीर में अशांति और असुरक्षा का माहौल है। हमें वहां शांति और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बात करनी होगी।

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