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Posted by Surinder Verma on Wednesday, June 17, 2020

पद्मश्री से सम्मानित बाबा सेवा सिंह ने 20 साल में 4 राज्यों के 450 किमी क्षेत्र में 4 लाख पौधे लगाए

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  • नसर्री में 5 फीट का होने पर ही रोपते हैं इसलिए उनका सरवाइवल रेट 95%
  • 128 किमी लंबी 7 सड़कों के किनारे रोपे 25,600 पौधे बने पेड़
  • गुरु अर्जन देव जी के प्रकाश पर्व के पांच साल पहले प्रण किया था, 1999 से लगा रहे हैं पौधे

Dainik Bhaskar

Jul 15, 2019, 08:58 AM IST

अमृतसर-तरनतारन. तरनतारन से खडूर साहिब का रुख करते ही हरे-भरे पेड़ आपका स्वागत करते हैं। खडूर साहिब को अलग-अलग दिशाओं से जाने वाली 7 सड़कों के दोनों तरफ लगे ये पेड़ पद्मश्री बाबा सेवा सिंह की 20 बरस की मेहनत का नतीजा है। बाबा सेवा सिंह को इसकी प्रेरणा अपने एक प्रण और गुरबाणी में गुरु साहिबान की ओर से दिए गए संदेश से मिली। 2004 में गुरु अर्जन देव का 500वां प्रकाश पर्व था। इससे 5 साल पहले, 1999 में बाबा सेवा सिंह की संस्था निशान-ए-सिखी ने प्रकाश पर्व की तैयारियां शुरू की तो संगत से पूछकर 5 प्रण लिए। इनमें पर्यावरण बचाने का प्रण भी था। 20 साल बाद बाबा सेवा सिंह के लगाए 4 लाख पौधों में ज्यादातर पेड़ बन चुके हैं। इसी वजह से बाबा सेवा सिंह को ‘फादर ऑफ ट्री’ कहा जाता है।

4 एकड़ की नर्सरी में एक लाख पौधे तैयार

तरनतारन, जंडियाला, रईया व खिलचियां से खडूर साहिब को जाने वाली 128 किमी. लंबी 7 सड़कों के किनारे बाबा सेवा सिंह और उनके सेवादारों ने 25,600 पौधे लगाए थे, वे पेड़ बन चुके हैं। वह ब्यास-अमृतसर हाईवे के किनारे भी पेड़ लगा रहे हैं। पर्यावरण के प्रति उनके प्रेम को देखते हुए 2010 में उन्हें पद्मश्री दिया गया। उन्हें राजस्थान, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र भी बुलाया गया। अब तक बाबा सेवा सिंह 4 राज्यों के 450 किमी. में 4 लाख से अधिक पौधे लगा चुके हैं। वह कहते हैं, ‘पौधे लगाना मुश्किल नहीं है। मेहनत उसे बड़ा करने में है।’ इसी सोच के साथ उन्होंने खडूर साहिब में 4 एकड़ में नर्सरी बना रखी है, जहां हर समय एक लाख से अधिक पौधे तैयार रहते हैं।

  • अड़चनें आईं, सबका हल निकाल कर बढ़े आगे

    अड़चनें आईं, सबका हल निकाल कर बढ़े आगे
  • राजस्थान और महाराष्ट्र में अलग चुनौतियों मिली

  • खुद पौधे लगाते हैं, देखभाल को वेतन पर सेवादार

  • बाबा से प्रेरणा लेकर, 350 किसानों ने लगाए बाग

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