वॉशिंगटन. भारतीय मूल की पहली सीनेटर कमला हैरिस (54) ने अगले साल होने वाले राष्ट्रपति चुनाव की दावेदारी की है। उन्होंने सोमवार को औपचारिक तौर पर अपना प्रचार अभियान शुरू किया। डेमोक्रेट हैरिस राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का विरोध करने में आगे रही हैं। कमला ने कल मार्टिन लूथर किंग जूनियर डे पर चुनाव में हिस्सा लेने की बात का ऐलान किया।
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अगर कमला 2020 का चुनाव जीतती हैं तो वह अमेरिकी राष्ट्रपति बनने वाली पहली महिला होंगी। वह ऐसी महिला भी होंगी जो श्वेत समुदाय से नहीं हैं।
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उन्होंने वीडियो संदेश के साथ ट्वीट किया, ‘मैं राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार हूं।’ उन्होंने अपने अभियान की थीम रखी है, ‘कमला हैरिस फॉर द पीपल’।
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कमला ने एबीसी न्यूज को इंटरव्यू देते हुए कहा कि मैं अपने देश से प्यार करती हूं। यह एक ऐसा क्षण है जब मैं लोगों की बेहतरी के लिए लड़ने की जिम्मेदारी महसूस कर रही हूं।
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चुनाव में उतरने की घोषणा के लिए उन्होंने मार्टिन लूथर किंग जूनियर डे ही क्यों चुना, इस पर कमला ने कहा कि वह अमेरिकी नागरिक अधिकार आंदोलन के आइकन थे। उन्होंने गांधीजी से प्रेरणा ली थी। इस बात ने मुझे हमेशा प्रेरित किया।
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कमला के मुताबिक- किंग के बारे में जो बात मुझे हमेशा प्रेरित करती है, वह यह है कि वह बेहतर की इच्छा रखते थे। हम जानते हैं कि उन आदर्शों तक नहीं पहुंच पाए हैं, लेकिन हमारी ताकत यह है कि हम उन आदर्शों तक पहुंचने के लिए लड़ रहे हैं।
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कमला कहती हैं- अमेरिका के लोग फाइटर चाहते हैं। वो चाहते हैं कि कोई उनके लिए स्वार्थवश नहीं बल्कि अधिकारों के लिए लड़े और मैं इसके लिए तैयार हूं। सत्य, न्याय, शालीनता, समानता, स्वतंत्रता, लोकतंत्र ये केवल शब्द नहीं हैं। ये वे मूल्य हैं जो हम अमेरिकियों के रूप में संजोते हैं।
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कमला हैरिस तमिलनाडु में जन्मी मां और अफ्रीकी-अमेरिकी पिता (जमैकन मूल के) की बेटी हैं। कमला के माता-पिता दोनों अमेरिका पढ़ने के लिए आए थे, बाद में यहीं शादी कर ली और बस गए। हालांकि दोनों का बाद में तलाक भी हो गया। कमला की बहन माया हैरिस 2016 में चुनाव के वक्त हिलेरी क्लिंटन के कैंपेन का हिस्सा थीं।
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कमला दो साल पहले कैलिफोर्निया से सीनेटर चुनी गई थीं। इन सालों में उन्होंने अपनी जबर्दस्त मौजूदगी दिखाई। ट्रम्प और उनकी नीतियों का वह लगातार विरोध करती रही हैं।
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अमेरिकी की पहली हिंदू सांसद तुलसी गबार्ड 2020 में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से उम्मीदवार बनना चाहती हैं। तुलसी 2013 से अमेरिका के हवाई राज्य से हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में डेमोक्रेट सांसद हैं। अगर तुलसी ट्रम्प के खिलाफ डेमोक्रेट उम्मीदवार चुनी जाती हैं और चुनाव जीत जाती हैं तो वे अमेरिका की सबसे युवा और पहली महिला राष्ट्रपति होंगी। वे अमेरिका की पहली गैर-ईसाई और पहली हिंदू राष्ट्रपति भी होंगी।





















