प्रभमीत सिंह, जालंधर.अलकायदा के कश्मीरी आतंकी संगठन अंसार गजवत-उल-हिंद का चीफ जाकिर रशीद भट्ट मूसा के कारण कई कश्मीरी युवा आतंक की राह पर चलकर अपना जीवन बर्बाद कर चुके हैं। स्टूडेंट से आतंकी बनने की कहानी 10 साल पहले उस समय शुरू हुई थी जब वह महज 14 साल का था।
सीटी कॉलेज से पकड़े गए कश्मीरी स्टूडेंट कहते हैं कि गुमराह कर मूसा ने हमें ऐसे रास्ते पर धकेल दिया जहां बर्बादी के अलावा कुछ भी नहीं है। न अपनी जिंदगी संवार पाए और न अपने परिवार की कुछ मदद कर सकते हैं। युवाओं को मूसा ने इस्लाम और सरकार की ज्यादती के नाम पर बहकाया था।
2008 में 14 साल के जाकिर को पुलिस ने पत्थर मारने के केस में राउंडअप किया था। मूसा का नाम आज घाटी के टॉप-5 आतंकियों में शामिल है। अवंतीपुरा के गांव नूरपुरा में रहने वाले मूसा को पहले लोग जाकिर रशीद भट्ट के नाम से जानते थे। मूसा अलकायदा के चीफ लादेन को गॉडफादर मानता है।
जाहिर है उसका हाल भी लादेन जैसा ही होगा। कश्मीरी स्टूडेंट्स के अनुसार मूसा खुद को साउथ कश्मीर के लादेन के रूप में देखता है। आईबी रिपोर्ट कहती है कि मूसा 19वें बर्थडे से दो दोस्तों के साथ आतंकवाद का हिस्सा बन गया था। लादेन की तरह दिखने के लिए अब वह लादेन की तरह दाढ़ी रखता है।
मूसा की तलाश में सेना चला रही स्पेशल ऑपरेशन :
जम्मू पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि मूसा पहले हिजबुल मुजाहिदीन आतंकी संगठन से जुड़ा था। मूसा को संगठन से जोड़ने का काम बुरहान वानी ने किया था। 3 साल के अंदर मूसा खतरनाक आतंकी बन चुका था। वह हर तरह का हथियार चलाने से लेकर इलेक्ट्रानिक गैजेट का माहिर बन गया। 8 जुलाई 2016 को बुरहान को आर्मी ने मारा गिराया था। सेना मूसा की तलाश में है। कश्मीर में स्पेशल आप्रेशन चल रहा है। सेना जल्द उसे पकड़ लेगी।
आईफोन और आईपॉड का शौक :
स्टेट कैरम प्लेयर… मूसा ने प्लस-2 की स्टडी अवंतीपुरा के सरकारी स्कूल में की है। मूसा के टीचर पुलिस को बता चुका है कि मूसा की उर्दू और अंग्रेजी पर पकड़ थी। टीचर कहते हैं कि एक बार क्लासरूम में मूसा की सहपाठी लड़की को टीचर को कुछ कहा था तो उसने टीचर को थप्पड़ दे मारा था। मामला भड़का तो मूसा ने माफी मांग ली थी। मूसा ने कैरम में दो बार स्टेट को रिप्रेजेंट किया था।
गुलजार, सुहैल और दानिश के टारगेट का खुलासा नहीं :
सात दिन के रिमांड के बाद पुलिस शनिवार को जाहिद गुलजार, दानिश रहमान और सुहैल अहमद भट्ट को शनिवार को कोर्ट में पेश करेगी। अब तक की जांच में पुलिस पता नहीं लगा पाई कि टारगेट क्या था? आरोपी एक ही बात पर दावा करते हैं कि आरडीएक्स और एके 56 का क्या करना था, उन्हें मूसा ने बताना था।
पुलिस ने 15 दिन की पूछताछ की डिटेल बना ली है। पुलिस इनसे जुड़े हर शख्स को जांच के दायरे में लेकर आ रही है। पुलिस को उम्मीद है कि कॉल डिटेल से पूरे नेटवर्क को ब्रेक किया जा सकता है। वहीं, घाटी में उनकी ओर से स्पेशल ऑपरेशन यूनिट की मूसा को लेकर दी इनपुट पर रेड की जा रही हैं।
डीसीपी गुरमीत सिंह कहते हैं कि मीडिया में सार्वजनिक नहीं किया जा सकता कि जांच में क्या निकला, मामला देश की सुरक्षा से जुड़ा है। गौर है कि स्टूडेंट जाहिद गुलजार, युसुफ रफीक भट्ट और सेंट सोल्जर कॉलेज का स्टूडेंट मोहम्मद इदरिश शाह को अरेस्ट किया था। इनसे आरडीएक्स और असलहा मिला था।
गुलजार ने माना था कि वह शाह से मिलकर 7 अक्टूबर को अमृतसर में पुल के पास 19 नंबर पेड़ से असलहा उठा लाए थे। वह तो कोरियर है। भट्ट मूसा का चचेरा आई है। इनकी पूछताछ के बाद पुलिस ने सुहैल और दानिश को अवंतीपुरा से पकड़ा था।
यूसुफ सिविल अस्पताल से डिस्चार्ज :
डेंगू के कारण सिविल अस्पताल में भर्ती यूसुफ को शुक्रवार दोपहर डिस्चार्ज कर दिया गया। सिविल अस्पताल के सीनियर मेडिकल अफसर डॉ. कश्मीरी लाल ने बताया कि मरीज के ब्लड प्लेटलेट्स 1.96 लाख हो गए थे जो कि न्यूनतम से ज्यादा हैं। उसका बीपी और बाकी सारे हेल्थ पैरामीटर सही थे। उसे डिस्चार्ज कर वापस जेल भेज दिया गया है।
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