चण्डीगढ़ 05 सितम्बर- हरियाणा के राज्यपाल तथा कुलाधिपति श्री बंडारू दत्तात्रेय ने आज महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में सावित्रीबाई फूले रीडिंग-कम-मल्टीपरपज हॉल का शिलान्यास किया।
उन्होंने इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में पौधारोपण भी किया। इस मौके पर कुलपति प्रो राजबीर सिंह, कुलसचिव प्रो गुलशन लाल तनेजा डीन (एए) प्रो नवरतन शर्मा, चीफ वार्डन (गर्ल्ज) प्रो संजु नंदा, अन्य डीन व विभागाध्यक्ष उपस्थिति रहे।
कुलपति प्रो राजबीर सिंह तथा अधिशासी अभियंता जे एस दहिया ने इस भवन से सम्बन्धित जानकारी दी। इस दो मंजिला बहुउद्देशीय हॉल में 300 छात्राओं के लिए पढ़ने की व्यवस्था होगी साथ ही, यह भवन आईटी सुवधिाओं सुसज्जित होगा।
इससे पूर्व राज्यपाल-कुलाधिपति श्री बंडारू दत्तात्रेय ने विश्वविद्यालय यज्ञशाला में आयोजित यज्ञ कार्यक्रम में शिरकत की। बतौर यजमान राज्यपाल ने यज्ञ में आहुति दी। यज्ञ कार्यक्रम का संचालन संस्कृत के प्रोफेसर तथा योगिक साइंस विभागाध्यक्ष प्रो सुरेन्द्र कुमार ने किया।
इस अवसर पर डा शरणजीत कौर, शिक्षकगण व मदवि शिक्षक संघ तथा गैर शिक्षक संघ प्रतिनिधिगण यज्ञ कार्यक्रम में शामिल हुए।
चण्डीगढ़ 05 सितम्बर- आत्मनिर्भर भारत का सपना, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एन ई पी, 2020) के प्रभावी क्रियान्यवन से ही पूरा होगा। इस क्रांतिकारी शिक्षा नीति के प्रभावी कियान्वयन में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। इसलिए शिक्षक वर्ग को और आगे बढ़कर कार्य करना होगा। यह आह्वान हरियाणा के राज्यपाल तथा कुलाधिपति श्री बंडारू दत्तात्रेय ने आज महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में शिक्षक दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि किया।
विश्वविद्यालय के टैगोर सभागार में आयोजित इस शिक्षक दिवस समारोह में राज्यपाल-कुलाधिपति ने महान शिक्षक तथा भारत के पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस पर मनाए जाने वाले इस दिवस पर शिक्षक समुदाय को हार्दिक बधाई तथा शुभकामनाएँ दी। इस अवसर पर राज्यपाल ने अपने भौतिकी विषय के शिक्षक रामैया जी तथा तेलुगु भाषा के शिक्षक स्वर्गीय शेषचार्य को सम्मानपूर्वक याद किया।
राज्यपाल-कुलाधिपति ने शिक्षक समुदाय से आह्वान किया कि वे माँ की तरह विद्यार्थियों का ख्याल रखें। उनके बौद्धिक विकास के साथ-साथ मनोबल अभिवृद्धि तथा चरित्र निर्माण के लिए निरंतर कार्य करें। उनका कहना था कि सूचना प्रौद्योगिकी तथा कंप्यूटर क्रांति का उपयोग कर विद्यार्थियों को उद्यमिता के लिए प्रेरित करने का कार्य शिक्षकों को करना चाहिए।
उन्होंने सभागार में उपस्थित विद्यार्थियों से नौकरी-प्रदाता बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ उद्यमिता उत्कृष्टता का केन्द्र बनाना होगा।
श्री दत्तात्रेय ने स्वामी दयानंद सरस्वती के विचार तथा उनके कार्यों से प्रेरणा लेने की बात कहते हुए सामाजिक बुराइयों के खिलाफ सामाजिक जागृति अभियान प्रारंभ किए जाने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वविद्यालय के कुलपति सहित पूरे विश्वविद्यालय परिवार को उल्लेखनीय प्रगति, हरित परिसर, बहुआयामी उपलब्धियों के लिए हार्दिक बधाई दी।
इससे पूर्व, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने शिक्षक समुदाय को शिक्षक दिवस की हार्दिक बधाई दी। कुलपति ने कहा कि शिक्षकों को अपने ज्ञान तथा शोध का उपयोग मानव कल्याण के लिए करना होगा। साथ ही, विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों के संचरण के लिए भी विशेष रूप से कार्य करना होगा। कुलसचिव प्रो. गुलशन लाल तनेजा ने मुख्य अतिथि का आभार किया।
शिक्षक दिवस समारोह में शैक्षणिक, शोध, एनएसएस, यूथ रेड क्रॉस, सांस्कृतिक, खेल क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रोफेसर ए.के. राजन, गणित की प्रोफेसर डा. रेणु चुघ, प्रोफेसर डा. ऋषि, राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर डा. रणबीर सिंह गुलिया (एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक), अंग्रेजी के प्रोफेसर डा. रणदीप सिंह राणा (यूथ रेड क्रॉस कार्यक्रम समन्वयक), डा. के.के. शर्मा (माइक्रोबायोलोजी) डा. सर्वजीत सिंह गिल (सेंटर फॉर बायोटैक्नोलॉजी) डा. देवेन्द्र सिंह ढुल (निदेशक खेल) तथा जगबीर राठी (निदेशक, युवा कल्याण) को सम्मानित किया गया।
सभागार में आयोजित शिक्षक दिवस समारोह में डा. शरणजीत कौर, संकायों के डीन, विभागाध्यक्ष, स्टैच्यूटरी अधिकारी गण, विश्वविद्यालय शिक्षक समुदाय उपस्थित रहे।




















