
- डेराबस्सी से पहली लड़की, जिसने जल सेना को चुना करियर, डिफेंस आर्म्ड फोर्स में सैनी परिवार की तीसरी पीढ़ी
- चेन्नई में इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी स्ट्रीम में बीटेक के दौरान ही मल्लिका ऑनलाइन टेस्ट देकर एसएसबी के लिए चुनी गईं थी
Dainik Bhaskar
Dec 02, 2019, 08:43 AM IST
डेरा बस्सी (मनोज राजपूत). इंडियन नेवी में बतौर सब-लेफ्टिनेंट भर्ती होने वाली मल्लिका सैनी डेराबस्सी हलके की ऐसी पहली जांबाज बेटी हैं, जिन्होंने जल सेना में करियर चुना है। मल्ल्किा ने अपने मजबूत इरादों के चलते नेवी में भर्ती होकर अपने परिवार व शहर का नाम ऊंचा किया है।
दादा और पिता की विरासत आगे बढ़ाई
डेराबस्सी से मल्लिका एक परिवार की लगातार तीसरी पीढ़ी हैं, जो डिफेंस आर्म्ड फोर्स में अफसर बनी हैं। उनके दादा एयरफोर्स से रिटायर्ड अफसर हैं जबकि पिता राजीव सैनी फिलहाल चेन्नई में कोस्ट गार्ड के 744 स्क्वाड्रन के कमांडिंग अफसर हैं। मल्लिका इंडियन नेवल एकेडमी, अजिहमला, केरल में बतौर सब-लेफ्टिनेंट सेलेक्ट हुई हैं। 30 नवंबर को इस एकेडमी में स्ट्राइप शिफ्टिंग सेरेमनी हुई। पासिंग आउट परेड के बाद मल्लिका इंडियन नेवी के नेवल आर्ममेंट इंस्पेक्टोरेट कैडर में सब लेफ्टिनेंट जाॅइन कर रही हैं। करीब छह महीने की ट्रेनिंग पूरी करने के बाद सब-लेफ्टिनेंट बनने पर अब वे कोचीन में 29 दिसंबर से शेष ट्रेनिंग पूरी करेंगी।
एडवेंचर की चाह समुद्र की गहराइयों तक खींच लाई
चेन्नई में इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी स्ट्रीम में बीटेक के दौरान ही मल्लिका ऑनलाइन टेस्ट देकर सर्विस सेलेक्शन बोर्ड (एसएसबी) के लिए चुनी गई थी। भोपाल में हुई एसएसबी की परीक्षा में 200 कैंडिडेट्स में पांच ही पास हुए, जिसमें मल्ल्किा सैनी भी एक थी। इस साल 12 जुलाई को उन्होंने इंडियन नेवल एकेडमी जाॅइन की थी। मल्लिका कहती हैं कि उन्हें शुरू से एडवेंचरस करियर की चाह रही। समुद्र की गहराइयों में एडवेंचर के साथ अपने देश के लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा उन्हें अपने पिता व दादा से मिला है।
मां बोलीं-अब छोटी बेटी भी बड़ी बहन के नक्शे कदम पर
साधुराम सैनी साल 1997 में बतौर एयरफोर्स अफसर रिटायर हुए थे। उनकी रिटायरमेंट से पहले ही उनका इकलौता बेटा राजीव सैनी कोस्ट गार्ड में 1992 में बतौर भर्ती हुए थे और अब 27 साल बाद उनकी बेटी मल्लिका यानी साधुराम सैनी की पोती ने नेवी का दामन थामा है। मां कुसुम ने बताया कि मल्लिका ने स्कूल से लेकर कॉलेज तक की पढ़ाई में हमेशा 90 परसेंट से अधिक अंक बटोरे हैं। मल्लिका ही नहीं, 11वीं में पढ़ रही उसकी छोटी बहन मोनिशा भी एयरफोर्स में जाने का लक्ष्य लेकर पढ़ाई कर रही है।


















