- नरेंद्र मोदी 14-15 जून को होने वाली शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन समिट में हिस्सा लेने किर्गिस्तान जाएंगे
- प्रधानमंत्री बनने के बाद इमरान की मोदी से यह पहली मुलाकात होगी
- भारत ने 2016 में पठानकोट एयरबेस पर हमले के बाद पाकिस्तान से बातचीत बंद की थी
नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14-15 जून को होने वाली शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन समिट में हिस्सा लेने किर्गिस्तान जाएंगे। यहां वे कई राष्ट्राध्यक्षों से मिलेंगे। हालांकि, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से मुलाकात पर अभी तक सरकार की तरफ से कोई फैसला नहीं लिया गया है।
सरकार के सूत्रों के मुताबिक, नई सरकार के गठन के बाद इस पर फैसला लिया जा सकता है। यानी अभी मोदी-इमरान के मिलने की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता। इससे पहले दोनों देशों के प्रधानमंत्री 2017 में एससीओ समिट के दौरान ही मिले थे। तब नवाज और मोदी के बीच चंद मिनटों की अनाधिकारिक बातचीत हुई थी।
इमरान से अब तक नहीं मिले मोदी
इमरान खान पिछले साल अगस्त में पाक के प्रधानमंत्री बने थे। इसके बाद उन्होेंने कई बार मोदी से मिलने की मंशा जताई। हालांकि, जनवरी 2016 में पठानकोट एयरबेस पर हमले के बाद से भारत पाक के साथ किसी तरह की आधिकारिक बातचीत में शामिल नहीं हो रहा है। भारत का कहना है कि द्विपक्षीय वार्ता और आतंक साथ-साथ नहीं चल सकते, इसलिए पाक को बातचीत के लिए आतंक का साथ देना बंद करना होगा।
2017 में एससीओ समिट में हुई थी मोदी-नवाज की मुलाकात
इससे पहले दोनों देशों के प्रधानमंत्री की मुलाकात 2017 में कजाखस्तान के अस्ताना में एससीओ समिट के दौरान ही हुई थी। हालांकि, अफसरों ने दावा किया था कि यह कोई आधिकारिक बातचीत नहीं थी और मोदी ने शरीफ से उनके स्वास्थ्य के बारे में पूछा था। शरीफ की 2016 में हार्ट सर्जरी हुई थी।
नवाज की बेटी ने कहा- इमरान की इज्जत नहीं करते मोदी
इसी बीच, पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की बेटी मरियम नवाज ने मंगलवार को कहा कि मोदी इमरान खान की इज्जत नहीं करते, क्योंकि वे जानते हैं कि आप (इमरान) लोगों के वोट चोरी कर इस पद पर पहुंचे हैं। मोदी नवाज शरीफ के लिए अचानक पाक पहुंचे थे, क्योंकि पूरी दुनिया उन्हें सम्मान देती है। पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई पर तंज कसते हुए मरियम ने कहा कि इमरान और उनकी सरकार किसी और के इशारों पर नाचती है।



















