चंडीगढ़.चार महिलाओं और एक बच्चे की हत्या के मामले में हिसार की अदालत से सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा को सतलोक आश्रम के संचालक रामपाल ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी है। रामपाल और उसके बेटे वीरेंद्र समेत 15 दोषियों को हिसार कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
नवंबर 2014 में हिसार के बरवाला स्थित सतलोक आश्रम पर पुलिस ने छापा मारा था। पुलिस से बचने के लिए रामपाल ने अपने अनुयायियों को आश्रम के अंदर और बाहर ढाल बनाकर खड़ा कर दिया था। आरोप था कि रामपाल के आदेश पर उसके सहयोगियों और कमांडो ने लोगों को बंधक बनाया था। अनुयायियों की इस भीड़ के बीच दम घुटने से पांच लोगों की मौत हो गई थी। अपील में कहा गया कि हिसार कोर्ट का फैसला सही नहीं है। पुलिस ने गलत ढंग से इस मामले में रामपाल को फंसाया।
2006 में करौंथा के सतलोक आश्रम के बाहर फायरिंग में एक युवक की मौत हो गई थी। प्रशासन ने रामपाल और उनके 37 अनुयायियों को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया। बाद में उन्हें जमानत मिल गई। इसी मामले में हिसार कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बाबा की पेशी थी, जहां रामपाल समर्थकों ने बवाल किया। इसके बाद हाईकोर्ट ने रामपाल और उसके अनुयायियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था।
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