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Posted by Surinder Verma on Wednesday, June 17, 2020

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज हरियाणा के रोहतक में साबर डेयरी प्लांट का लोकार्पण किया

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केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज हरियाणा के रोहतक में साबर डेयरी प्लांट का लोकार्पण किया

 

रोहतक, 3 अक्टूबर: केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज हरियाणा के रोहतक में साबर डेयरी प्लांट का लोकार्पण किया। इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी, केन्द्रीय सहकारिता राज्यमंत्री श्री कृष्णपाल गुर्जर और केन्द्रीय मंत्री श्री राव इंद्रजीत सिंह सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

इस अवसर पर अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने देश के किसानों की दशकों पुरानी अलग सहकारिता मंत्रालय के गठन की मांग को पूरा करने का काम किया है और इसके लिए पूरे देश की ओर से उनका आभार है। उन्होंने कहा कि पिछले 4 सालों में देश की सभी राज्य सरकारों को साथ लेकर सहकारिता मंत्रालय ने सहकारिता की नींव को गहरा करने का काम किया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वर्ष 2029 तक देश की एक भी पंचायत ऐसी नहीं रहेगी, जहां एक भी सहकारिता समिति न हो।

श्री अमित शाह ने कहा कि आज साबर डेयरी के माध्यम से दूध उत्पादकों के कल्याण के लिए लगभग 350 करोड़ रुपए की लागत से पूरे देश का सबसे बड़ा दही, छाछ और योगर्ट बनाने के प्लांट का काम पूरा हो गया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा से ही पूरे दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (Delhi-NCR) की दुग्ध उत्पादों की जरूरत पूरी होगी। साबर डेयरी ने गुजरात के साबरकांठा जिले से शुरूआत कर 9 राज्यों के दुग्ध उत्पादकों के लिए बहुत बड़े मौके का सृजन किया है। श्री शाह ने कहा कि गुजरात में त्रिभुवन भाई, भूरा भाई और गलबा भाई ने डेयरियों की नींव रखी और आज कोऑपरेटिव डेयरी के माध्यम से गुजरात की 35 लाख बहनें सालाना 85 हज़ार करोड़ रुपए का व्यापार कर रही हैं।

केन्द्रीय सहकारिता मंत्री ने कहा कि साबर प्लांट में प्रतिदिन 150 मीट्रिक टन दही, 10 मीट्रिक टन योगर्ट, 3 लाख लीटर छाछ और प्रतिदिन 10 हज़ार किलो मिठाई बनेंगे औऱ इससे किसानों की समृद्धि का रास्ता खुलेगा। उन्होने कहा कि आज हमारी साबर डेयरी राजस्थान, हरियाणा, महाराष्ट्र, पंजाब, उत्तर प्रदेश और बिहार के किसानों की सेवा कर रही है। अमूल के नेतृत्व में गुजरात में आधुनिक प्रजनन तकनीकों – भ्रूण स्थानांतरण औऱ लिंग निर्धारण – पर काफी वैज्ञानिक काम हुआ है। ये दोनों तकनीकें हरियाणा के पशुपालकों को भी उपलब्ध होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके साथ-साथ मधुमक्खी पालन औऱ जैविक खेती को भी राज्य में बढ़ावा देने की ज़रूरत है। गुजरात में गोबर गैस के लिए कई अच्छे प्रयोग हुए हैं और हरियाणा में भी इन प्रयोगों को लागू करने की जरूरत है

श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत का डेयरी सेक्टर पिछले 11 साल में 70 प्रतिशत की क्षमता से बढ़ा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत का डेयरी सेक्टर विश्व में सबसे तेज़ी से बढ़ने वाला डेयरी सेक्टर बना है। उन्होंने कहा कि 2014-15 में भारत में दूध देने वाले पशुओं की संख्या 86 मिलियन थी जो अब बढ़कर 112 मिलियन हो गई है। इसी प्रकार, दुग्ध उत्पादन 146 मिलियन टन से बढ़कर 239 मिलियन टन हो गया है। उन्होंने कहा कि देसी नस्ल की गाय के दूध का उत्पादन 29 मिलियन टन से बढ़कर 50 मिलियन टन तक पहुंच गया है। श्री शाह ने कहा कि आज भारत के लगभग 8 करोड़ किसान डेयरी क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि भारत में दूध की प्रति व्यक्ति उपलब्धता को 124 ग्राम से बढ़ाकर 471 ग्राम करने का काम हमारे देश के किसानों ने किया है। उन्होंने कहा कि पिछले 11 साल में भारत के डेयरी सेक्टर में कई बदलाव हुए हैं और इसके कारण हमारे किसान समृद्ध हुए हैं।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि श्वेत क्रांति 2.0 के तहत आने वाले दिनों में देशभर में 75 हज़ार से अधिक डेयरी समितियों की स्थापना होगी और सरकार 46 हज़ार डेयरी कोऑपरेटिव समितियों को मज़बूत भी करेगी। श्री शाह ने कहा कि हमारी वर्तमान दुग्ध प्रसंस्करण क्षमता 660 लाख लीटर प्रतिदिन है और वर्ष 2028-29 तक इसे बढ़ाकर 1 हज़ार लाख लीटर तक करने का हमारा लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य हासिल करने पर सारा मुनाफा दुग्ध उत्पादन करने वाली हमारी किसान माताओं बहनों को मिलता है। एक साल में ही लगभग 33 हज़ार कोऑपेरेटिव्स को पंजीकृत कर दिया गया है।

श्री अमित शाह ने कहा कि हाल ही में मोदी सरकार ने तीन राष्ट्रीय सहकारी समितियां बनाईं हैं – पशु आहार के उत्पादन के लिए, गोबर के प्रबंधन के लिए औऱ मृत पशुओं के अवशेषों का सर्कुलर इकोनॉमी में उपयोग करने के लिए। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने राष्ट्रीय गोकुल मिशन, राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम शुरू किया, पशुपालन इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड बनाया और राष्ट्रीय पशुरोग नियंत्रण कार्यक्रम चलाया। श्री शाह ने कहा कि हम डेयरी संयंत्र के निर्माण की दृष्टि से भी आत्मनिर्भर बनना चाहते हैं और इसके लिए मोदी सरकार डेयरी संयंत्र निर्माण और उससे जुड़े रिसर्च व डेवलपमेंट के सेक्टर में तीन गुना तेजी लाकर डेयरी सेक्टर में आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही है।