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Posted by Surinder Verma on Wednesday, June 17, 2020

Srijan -An institute of Creativity  की और से शिव कुमार बटालवी और डॉ धर्म स्वरूप गुप्त जी के जन्मोत्सव पर उनकी याद में एक आनलाइन संगीतमय कार्यक्रम ” *सुरमयी सांझ*” का आयोजन किया गया।

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Srijan -An institute of Creativity  की और से शिव कुमार बटालवी और डॉ धर्म स्वरूप गुप्त जी के जन्मोत्सव पर उनकी याद में एक आनलाइन संगीतमय कार्यक्रम ” *सुरमयी सांझ*” का आयोजन किया गया। जिसमें शहर के जाने-माने गायकों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम की शुरुआत सृजन के अध्यक्ष गजल गायक सोमेश  ने सरस्वती वन्दना गा कर की।  कार्यक्रम का संचालन श्रीमती अमरज्योति शर्मा ने अपनी शेयरो शायरी से किया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि – श्री के के शारदा, रिटायर चेयरमैन गांधी स्मारक निधि, वर्तमान चेयरमैन आर्यकुल चंडीगढ़, विशिष्ट अतिथि- श्रीमती संतोष गर्ग- राष्ट्रीय कवि संगम की अध्यक्ष रहे और कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती निर्मल सूद जी ने की। कार्यक्रम का आरंभ श्रीमती अमरज्योति ने शिव कुमार बटालवी की कविता “जी चाहे पंछी हो जावां” और सोमेश जी ने शिव कुमार बटालवी का गीत “मैनूं तेरा शबाब ले बैठा” से की। इस कार्यक्रम में सबसे छोटे प्रतिभागी क्रिश ने पंजाबी सूफ़ी गीत गा कर समां बांध दिया। वहीं श्री बाल कृष्ण गुप्ता जी ने अपने बड़े भाई श्री धर्म स्वरूप गुप्त जी की याद में एक भावनात्मक कविता “मेरे बड़े भैया” पेश की।
श्री शारदा जी ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि Srijan की तरफ़ से किया गया ये प्रयोग बहुत ही सफल रहा। Srijan  हमेशा नए और पुराने कलाकारों का संगम कर के उन्हें एक बेहतरीन अवसर प्रदान करता है। वहीं श्रीमती संतोष गर्ग जी ने सोमेश जी को सादर नमन किया कि वो अपने पिता की यादगार में हर साल कार्यक्रम आयोजित करके आज की पीढ़ी को संस्कारवान बनाने का प्रयास करते हैं।
कार्यक्रम में भाग लेने वाले कलाकारों ने-  पूर्णिमा – गीत – सावन की बदरिया,
हरेंद्र सिन्हा – कविता – पिता ही दिया करते बच्चों को उपहार, निर्मल सूद – कविताएं – मेरे पिता और दीवारें, शिवानी अंगरीश – हिमाचली लोकगीत – अम्मा पुछदी और शिव कुमार बटालवी जी का गीत – लोकी पूजन रब्ब नूं, डॉ प्रज्ञा शारदा – कविता सच और झूठ, इशमीत कौर – गीत, साजद अली- जे तु कदे रावी लंघ जाएं, सुनीता सिंह- गीत- मुस्कुराओगे तो जीत जाओगे, अंजू राय – गीत – आधार है…., संतोष गर्ग – कविता – कुछ तो बताओ, राशि श्रीवास्तव – गीत – घुमड़े थे बादल,  गा कर समय बांध दिया।
अंत में Srijan के अध्यक्ष श्री सोमेश जी ने कार्यक्रम में शामिल सभी प्रतिभागियों का शुक्रिया करते हुए कहा कि अगस्त में Srijan की तरफ़ से “भजन संध्या” का आयोजन किया जाएगा।