- सरकार जल्द देगी टेली मेडिसिन का तोहफा, हेल्थ विभाग इसी साल शुरू करेगा पायलट प्रोजेक्ट
- ग्रामीण इलाकों के लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने के लिए हेल्थ विभाग की पहल
- सरकारी अस्पतालाें में स्पेशलिस्ट न हाेने पर निजी अस्पताल वसूलते हैं मनमानी फीस
Dainik Bhaskar
Jul 08, 2019, 08:48 AM IST
चंडीगढ़ ( रोहित रोहिला). हेल्थ विभाग दूर-दराज बैठे मरीजों के लिए जल्द ही टेलीमेडिसिन का ताेहफा देने वाला है। यदि अापके इलाके के पीएचसी, सीएचसी अाैर डिस्पेंसरी में अापकाे किसी बीमारी का स्पेशलिस्ट न मिले ताे अाप परेशान न हाें।
वहां के डाॅक्टर इलाके के स्पेशलिस्ट से फाेन या वीडियाे काॅलिंग के माध्यम से स्पेशलिस्ट से बात कराएंगे। उसी समय स्पेशलिस्ट डाॅक्टर अापसे बात कर बीमारी क्या है अाैर उसका इलाज क्या है यह भी बताएंगे। साथ ही डाॅक्टर अापके लिए उचित दवा भी बताएगा।
शहराें में ताे अाम ताैर पर एेसे स्पेशलिस्ट मिल जाते है लेकिन गांव में समस्या ज्यादा अाती है। इसका ज्यादा लाभ ग्रामीण इलाके के लाेगाें काे ही हाेगा। इससे मरीज को किसी दूसरे शहर जाने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी और मरीज का इलाज भी हो जाएगा। यह प्रोजेक्ट हेल्थ विभाग के पायलेट प्रोजेक्टों में से एक है। हेल्थ विभाग अपने इस प्रोजेक्ट को इसी साल शुरू करना चाहता है। इसके शुरू होने के बाद जिले के सरकारी अस्पतालों में रेफर मरीजों का दबाव भी कम होगा।
जिला स्तर के डॉक्टरों पर नहीं रहना पड़ेगा निर्भर…बाॅर्डर एरिया या पीएचसी और सीएचसी में स्पेशलिस्ट डॉक्टर के नहीं होने की वजह ये मरीजों को उपचार के लिए जिला स्तर के डॉक्टरों के पास रेफर किया जाता है। जिसकी वजह से कई बार मरीज लंबा सफर करने की बजाय अपने क्षेत्र के ही स्पेशलिस्ट डॉक्टर के पास उपचार करवाने चला जाता है। जहां उससे फीस वसूलने के अलावा जरूरत के अनुसार टेस्ट भी करवाए जाते है। टेली मेडिसिन के शुरू होने के बाद सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीजों को निजी डॉक्टरों के पास नहीं जाना पड़ेगा।
इस टेली मेडिसिन का सबसे बड़ा फायदा :
टेली मेडिसिन के शुरू होने का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अगर ग्रामीण क्षेत्र या दूर दराज के इलाके में कोई गंभीर मरीज पीएचसी या सीएचसी में आता है तो वहां मौजूद डॉक्टर उसे टेली मेडिसिन के जरिए स्पेशलिस्ट डॉक्टर से पूछकर प्राथमिक उपचार दे सकते हैं। जिससे मरीज जिले के सरकारी अस्पताल तक ठीक ठाक पहुंच सकता है।
इंफ्रास्टक्चर के लिए लगाना होगा जोर :
पंजाब हेल्थ विभाग को टेली मेडिसिन प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए पहले इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर देना होगा। अगर विभाग टेलीमेडिसन को विडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए उपचार की सुविधा देता है तो इसके लिए एलसीडी और वाईफाई का नेटवर्क क्षेत्र भी अच्छा होना चाहिए। इंफ्रास्ट्रक्चर अच्छे रहेंगे तभी इसका लाभ लोगों को मिल पाएगा।
हरियाणा में पहले से ही चल रहा है प्रोजेक्ट :
हरियाणा में यह टेली मेडिसिन प्रोजेक्ट पहले से ही चल रहा है। अब यहां डॉक्टर फोन के माध्यम से नहीं बल्कि विडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए स्पेशलिस्ट डॉक्टरों से संपर्क कर मरीजों का उपचार कर रहे है। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए डॉक्टर खुद मरीज से उसके लक्ष्य एवं अन्य जरूरी बाते पूछ सकता है।
जल्द शुरू करेंगे टेली मेडिसिन की सुविधा :
पंजाब में हेल्थ विभाग जल्द ही टेली मेडिसिन कार्यक्रम शुरू करेगा। इससे मरीजों को स्पेशलिस्ट डॉक्टरों से उपचार की सुविधा मिल सकेगी। खासकर ग्रामीण इलाके के लोगों को ज्यादा लाभ होगा क्योंकि उन्हें अपने इलाके में सुविधा न होने पर शहरों में जाना पड़ता है। अब उन्हें अपने इलाके में ही सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।-बलबीर सिद्धू, हेल्थ मिनिस्टर



















