99 नेबरहुड पार्कों में खेल सकेंगे बच्चे, नहीं रोक पाएगी आरडब्ल्यूए

0
18

राजबीर सिंह राणा, चंडीगढ़.चंडीगढ़ के पार्कों में बच्चे जब फुटबॉल, क्रिकेट या कोई दूसरी गेम खेलते हैं तो कई आरडब्ल्यूए या सीनियर सिटीजन उन्हें रोकते हैं। कई बार झगड़ा भी हो जाता है। लेकिन अब पेरेंट्स और उनके बच्चों की पार्कों में खेलने की टेंशन खत्म होने जा रही है। शहर के 99 नेबरहुड पार्क इसके लिए चुन लिए गए हैं।

यहां पर पर बच्चे बिना रोक-टोक के खेल सकेंगे। बाकायदा खेलने के पार्क के बाहर बोर्ड भी लगाया जाएगा। मेयर देवेश मोदगिल की ओर से हर सेक्टर में हॉर्टिकल्चर विंग द्वारा सर्वे करवाया गया कि किस-किस सेक्टर के नेबरहुड पार्क में बच्चे खेलते हैं। रिपोर्ट के अनुसार 99 नेबरहुड पार्कों को इसके आरक्षित किया जाएगा।

22 नवंबर की फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट कमेटी की मीटिंग में यह एजेंडा आएगा। अप्रूवल मिलने के बाद रेजिडेंट्स और आरडब्ल्यूए या सीनियर सिटीजन के बीच झगड़ा नहीं रहेगा। एमसी की ओर से नेबरहुड पार्क को खेल के मैदान घोषित किए जाने के बाद कोई भी एसोसिएशन बच्चों को उस पार्क में खेलने से रोक नहीं सकेगी। इन पार्कों में एमसी की ओर से बाकायदा खेल के लिए नेट आदि प्रोवाइड करवाए जाएंगे।

ली कार्बूजिए की प्लानिंग में ग्रीनरी तो है पर मैदान नहीं :

ली कार्बूजिए ने शहर की प्लानिंग करते समय सभी सेक्टर्स में नेबरहुड पार्क ग्रीनरी के लिए तो छोड़े हैं, लेकिन बच्चों के लिए किसी भी सेक्टर में प्ले ग्राउंड नहीं छोड़े। ऐसी हालत में बच्चे या तो गली-मोहल्ले में खेलते हैं या नेबरहुड पार्क में। लेकिन पार्क में खेलने से रेजिडेंट्स और आरडब्ल्यूए या सीनियर सिटीजन वेलफेयर एसोसिएशन को प्रॉब्लम्स रहती हैं।

अभी तक नहीं थी परमिशन, होते थे झगड़े :शहर में 1800 नेबरहुड पार्क, 100 ग्रीन बेल्ट और बड़े पार्क हैं। ग्रीन बेल्ट और बड़े पार्कों में बच्चों को खेलने के लिए इजाजत नहीं है। वहीं एमसी की ओर से विभिन्न सेक्टर की आरडब्ल्यूए को मेंटेन करने के लिए 648 नेबरहुड पार्क दिए हुए हैं। इनमें भी आरडब्ल्यूए वहां के बच्चों को पार्कों में खेलने नहीं देती। इसलिए 1152 पार्क में से एमसी की ओर से 99 नेबरहुड पार्कों को आइडेंटिफाई किया गया है, जहां पर बच्चे खेलते हैं।

थाने तक भी पहुंचा है मामला :

शहर में बच्चों के खेलने के लिए कोई स्पेस तय नहीं है। गली-मोहल्ले और नेबरहुड पार्कों में बच्चों के खेलने पर आरडब्ल्यूए, सीनियर सिटीजन एसोसिएशन इतराज करती रहती हैं। थाने तक मामला पहुंच जाता है। अब हॉर्टिकल्चर विंग की ओर से शहर के 99 नेबरहुड पार्कों को सर्वे रिपोर्ट आ गई है। इसे फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट कमेटी में अप्रूव किया जाएगा।-देवेश मोदगिल, मेयर

Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today

Children can play games in parks in Chandigarh