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Posted by Surinder Verma on Wednesday, June 17, 2020

13वीं वाहिनी सीआरपीएफ में कई संस्थाओं ने मनाया रक्षाबंधन पर्व 

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13वीं वाहिनी सीआरपीएफ में कई संस्थाओं ने मनाया रक्षाबंधन पर्व 

देश की रक्षा करने में जुटे जवानों को राखी बांधना में गर्व और सम्मान की बात है : कमल सिसोदिया, कमांडेंट

चण्डीगढ़ : सेक्टर 43 स्थित 13वीं वाहिनी, सीआरपीएफ कैम्प में रक्षाबंधन का पावन पर्व बड़े हर्षोल्लास और सांस्कृतिक गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर ब्रह्मकुमारियों, भारतीय संस्कृति ज्ञान संस्था, वॉइस ऑफ़ विमेंस तथा श्री कुलवंतराय सर्वहितकरी विद्या मंदिर स्कूल के बच्चों ने वीर जवानों के साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाकर एक भावनात्मक और प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम में सबसे पहले स्कूली बच्चों द्वारा जवानों की कलाई पर राखी बांधकर और मिठाई खिलाकर उनके स्नेह का प्रतीक प्रस्तुत किया। जवानों ने भी भावविभोर होकर बहनों का आशीर्वाद लिया और उन्हें रक्षा का संकल्प दिया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं श्रीमती कमल सिसोदिया, कमांडेंट ने अपने संबोधन में रक्षाबंधन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व न केवल भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत करता है, बल्कि समाज में एकजुटता, प्रेम और सुरक्षा की भावना को भी प्रबल करता है। उन्होंने कहा कि हमारे जवान, जो देश की रक्षा करते हैं, उनके साथ यह पर्व मनाना वास्तव में गर्व और सम्मान की बात है।

कार्यक्रम में ब्रह्मकुमारियों द्वारा भी एक विशेष सत्र आयोजित किया गया, जिसमें अध्यात्म और संस्कृति के समन्वय पर विचार साझा किए गए। उन्होंने बताया कि राखी मात्र एक धागा नहीं, बल्कि यह विश्वास, प्रेम और कर्तव्य का प्रतीक है। कार्यक्रम में ‘भारतीय संस्कृति ज्ञान’ संस्था की ओर से भी रक्षा सूत्रों का वितरण किया गया।

स्कूल की प्रधानाचार्य और अन्य शिक्षकों ने बच्चों को इस आयोजन में भाग लेने हेतु प्रेरित किया और बताया कि इस तरह के कार्यक्रम विद्यार्थियों में देशभक्ति की भावना को सशक्त बनाते हैं।

कार्यक्रम के अंत में सभी गणमान्य अतिथियों और सम्मिलित संस्थाओं ने जवानों का आभार व्यक्त किया और इस पहल की सराहना की। सभी ने इस आयोजन को एक स्मरणीय और प्रेरणास्पद अनुभव बताया। यह आयोजन न केवल तात्कालिक रूप से भावनात्मक जुड़ाव का माध्यम बना, बल्कि समाज और सशस्त्र बल के बीच आत्मीयता और विश्वास की डोर को और भी मजबूत कर गया।