Mirror 365 - NEWS THAT MATTERS

Dear Friends, Mirror365 launches new logo animation for its web identity. Please view, LIKE and share. Best Regards www.mirror365.com

Posted by Surinder Verma on Wednesday, June 17, 2020

हरियाणा के राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय गुरुद्वारा नाडा साहिब में अरदास करते हुए।

0
500

-गुरू तेग बहादुर जी ने धर्म और समाज की रक्षा के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया – हरियाणा के राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय
-युवाओं को श्री गुरू तेग बहादुर जी द्वारा दिखाए मार्ग पर चलते हुए नशामुक्ति, अहिंसा और सबको साथ लेकर चलने के लिए समाज में जागरूकता पैदा करने का किया आह्वान
चण्डीगढ़, 24 नवंबर-हरियाणा के राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय ने आज सिखों के नौवें गुरू श्री गुरू तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस पर पंचकूला के ऐतिहासिक गुरूद्वारा नाडा साहिब में माथा टेका तथा गुरू तेग बहादुर जी को नमन किया।
राज्यपाल ने कहा कि गुरू तेग बहादुर जी एक आध्यात्मिक, वीर योद्धा और देशभक्त थे।
उन्होंने कहा कि गुरू तेग बहादुर जी ने गुरू नानक देव जी के द्वारा सिख धर्म की स्थापना करने उपरांत धर्म को आगे बढाने के लिए उस समय की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अंध विश्वास, छूआ-छूत व जाति-पाति जैसी सामाजिक बुराइयों को दूर करने के लिए समाज में जागृति पैदा की।
श्री दत्तात्रेय ने कहा कि मुगल साम्राज्य में धर्म परिवर्तन के विरूद्ध, वे जेल गए, जहां पर उन्हें इस्लाम धर्म अपनाने के लिए अनेक यातनाएं दी गई लेकिन वे अपनी बात पर अड़िग रहे और अपने धर्म की रक्षा के लिए प्राण तक न्यौछावर कर दिये।
राज्यपाल ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी ऐसे महापुरुष, तपस्वी और देशभक्त थे जिन्होंने धर्म, देश और समाज के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया। उन्होंने युवा पीढ़ी को गुरु तेग बहादुर जी द्वारा दिखाए मार्ग पर चलते हुए नशामुक्ति, अहिंसा और सबको साथ लेकर चलने के लिए समाज में जागरूकता पैदा करने का आह्वान किया।
श्री दत्तात्रेय ने कहा कि उन्हें खुशी है कि नाडा साहिब गुरुद्वारा द्वारा कोविड के दौरान समर्पण भाव से हजारों लोगों को लंगर खिलाया गया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह गुरूद्वारा इसी प्रकार से सेवा भाव से लोगों की मदद करता रहेगा।
इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त मोहम्मद इमरान रजा, एसडीएम ऋचा राठी, तहसीलदार पुण्य दीप शर्मा, नाडा साहिब गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रबंधक सरदार मलकीत सिंह, खजांची अमृतपाल सिंह, गुरुद्वारा नाडा साहिब के हैड ग्रंथी सरदार जगजीत सिंह भी उपस्थित थे।