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Posted by Surinder Verma on Wednesday, June 17, 2020

सरकारी कालेजों में आधा स्टाफ भी नहीं, शिक्षा ढांचा चरमराया: सैलजा

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सरकारी कालेजों में आधा स्टाफ भी नहीं, शिक्षा ढांचा चरमराया: सैलजा

-स्कूल भी बदहाल, छात्रों को भुगतना पड़ रहा खामियाजा

चंडीगढ़: 27 जुलाई, हरियाणा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने कहा है कि राज्य में शिक्षा ढांचा चरमरा चुका है। सरकारी कालेजों में आधा टीचिंग स्टाफ भी नहीं, स्कूलों में सुविधाएं सिरे से गायब हैं, सेटेलाइट से पढ़ाने की योजना पर ताला लग चुका। शिक्षा जगत की बदहाली का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। वे बड़ी संख्या में बेरोजगारी के दलदल में धंस रहे हैं।
आज यहां जारी बयान में कुमारी सैलजा ने कहा कि राज्य में करीब पांच लाख छात्र सरकारी कॉलेजों में पढ़ते हैं, लेकिन लेक्चरर के 52 प्रतिशत पद खाली हैं। प्रदेश में 172 सरकारी कॉलेज हैं। वर्कलोड के हिसाब से इनमें 7559 लेक्चरर व प्रोफेसर होने चाहिए, लेकिन स्वीकृत पद सिर्फ 5068 हैं। इनमें से भी केवल 3647 स्थायी पदों पर ही नियुक्ति हुई। कुछ कांट्रेक्ट लेक्चरर भी हैं, लेकिन उनसे अपेक्षित लक्ष्य की प्राप्ति नहीं हो पा रही।
यही हाल कॉलेजों में संसाधनों का है। करीब 30 प्रतिशत कॉलेज या तो जर्जर भवनों में चल रहे हैं या सरकारी स्कूल अथवा किसी अन्य सरकारी भवन में चलाए जा रहे हैं।
सरकार ने आनन-फानन में स्कूल खोल तो दिए पर उनकी बदहाली की ओर कब ध्यान देगी?
कितने स्कूलों में लैब अपडेट हैं ? एजुसेट सिस्टम ठप क्यों हो गया? बड़ी संख्या में अध्यापकों के पद खाली क्यों हैं? क्या इन सवालों के जवाब हैं सरकार के पास?
आखिर किस आधार पर हरियाणा के समग्र विकास के दावे ठोंके जा रहे हैं।
सभी आधारभूत क्षेत्रों में राज्य पिछड़ रहा है। सरकार जनता को गुमराह करना छोड़े और अपनी कमियों को स्वीकार कर कार्य शैली सुधारे ।