- गीले कूड़े और ग्रीन वेस्ट के जरिए खाद बनाने के प्रोजेक्ट पहले से ही चल रहे हैं
- 30 दिन में तैयार होगी खाद, इसका इस्तेमाल सर्विस लेन पर लगे पौधों में किया जाएगा
जालंधर. स्वच्छ भारत अभियान के मिशन 2020 के तहत सिटी में सॉलिड वेस्ट कम करने के आधा दर्जन प्रोजेक्ट शुरू हो चुके हैं। अब निगम की सेहत शाखा ने अब सूखे पत्तों से सड़क किनारे ही कंपोस्ट खाद बनाने का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है।
मिल्क बार चौक के साथ बने ग्रीन बेल्ट में इसके लिए शहर का पहला ओपन पिट बनाया गया है, जहां सड़कों, सर्विस लेन और ग्रीन बेल्ट में गिरे पेड़-पौधो के पत्तों से 30 दिन में कंपोस्ट तैयार होगी। इस खाद को ग्रीन बेल्ट में इस्तेमाल किया जाएगा।
एक हजार रुपए खर्च करके खाद बनाई जा सकेगीः शर्मा
निगम की सेहत शाखा के इंचार्ज डॉ. श्रीकृष्ण शर्मा ने बताया कि सूखे पत्तों की सफाई के लिए मैन पावर के साथ ही लिफ्टिंग का खर्चा और फिर डंप पर जगह की जरूरत होती है, लेकिन सिर्फ एक हजार रुपये तक के खर्च में सड़क किनारे ही 4X4 फीट की जगह पर बांस से ओपन पिट बनाकर इन सूखे पत्तों से कंपोस्ट बनाई जा सकती है।
15 दिन पहले शुरू हुआ पायलट प्रोजेक्ट
15 दिन पहले यह पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। इसका रिजल्ट देखकर जो भी सुधार की आवश्यकता होगी, उसके साथ सिटी के दर्जनों इलाके में यह प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा।


















