
जीरकपुर | सड़क की जगह घेरकर रैंप बनाने पर रोक है। इसके बाद भी सड़क की जगह लोग रैंप बनाने से नहीं रुक रहे हैं। हर महीने रैंप बनाने की शिकायत पुलिस और एमसी दोनों की जगहों पर लोग कर रहे हैं। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही है।
पुरानी बनी कॉलोनियों में पहले से तंग सड़कों को लोग अपने निजी फायदे के लिए और तंग कर रहे हैं। लोग घर के बाहर किसी न किसी तरीके से जगह घेर रहे हैं। घरों के आगे रैंप की वजह से सड़कें तंग हो रही हैं, जो शहर की बेहतर डेवलपमेंट के लिए ठीक नहीं है।
कागज पर चौड़ी सड़कें, हरियाली, एजुकेशनल जोन, एग्रीकल्चर जोन, रेजिडेंस एरिया, कमर्शियल एरिया सभी के लिए प्लानिंग की गई है लेकिन वास्तविकता में कुछ जगहों पर यह प्लानिंग नजर आती है। सड़कों को मास्टर प्लान के अनुसार बनाना मुश्किल: शहर का मास्टर प्लान बने 5 साल से ज्यादा समय हो गया। इसके तहत रेजिडेंशियल आैर कमर्शियल निर्माणों के आगे सड़क की चौड़ाई तय है। रेजिडेंस के आगे 35 फुट और दुकान शोरूम के आगे 65 फुट अनिवार्य है। इसके बावजूद यहां पुरानी कॉलोनियों में तो ऐसा संभव नहीं।
एक घर बनाने से पहले उसकी जमीन तय करते हैं। उसका नक्शा बनाते हैं। कितने लोग उस घर में रहेंगे। उनकी जरूरतों के हिसाब से उसमें सुविधाएं जोड़ते हैं। पानी, बिजली आैर रोज की जरूरत के अनुसार उसमें सुविधाएं जोड़ते हैं। योजना बनाकर काम करते हैं।



















