लुधियाना। सूफियां चौक के नजदीक पांच मंजिला प्लास्टिक फैक्ट्री एमसन पालीमर में लगी आग बुझाने के दौरान विस्फोट के बाद पूरी इमारत धराशायी हो गई। सोमवार सुबह हुए इस हादसे में दो फायरकर्मियों सहित चार लोगों की मौत हो गई जबकि कम से कम 24 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है जिनमें नौ फायरकर्मी बताए जाते हैं। चार शव निकाले जा चुके हैं, जबकि रोहित नामक व्यक्ति को मलबे से जिंदा निकालने में कामयाबी मिली है। उसे सीएमसी अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। मृतकों में तीन की पहचान हुई है जिनमें टैक्सी चालक इंदरपाल सिंह व दो फायरकर्मी शामिल हैं। सेना व नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (एनडीआरएफ) के नेतृत्व में बचाव कार्य जारी है।
प्लास्टिक की फैक्ट्री एमसन पालीमर की ऊपरी मंजिल में सुबह सात बजे अचानक आग लगने की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू कर दी। दोपहर लगभग 12 बजे तक आग काफी हद तक काबू कर ली गई थी। इसी दौरान अचानक विस्फोट के साथ पांच मंजिला इमारत रेत की तरह धराशायी हो गई। इमारत के अंदर मौजूद लोग मलबे में दब गए।
राहत कार्य में जुटा बचाव दल।
मौके पर पहुंची पंजाब पुलिस ने जीसीबी मशीनों की सहायता से मलबा हटाने का काम शुरू किया। जब तक एनडीआरएफ और सेना का बचाव दल मौके पर पहुंचा पुलिस ने एक व्यक्ति को जिंदा और एक शव बाहर निकाल लिया था। इसके बाद एनडीआरएफ और सेना के जवानों ने दो फायर कर्मियों के शव बाहर निकाले। मलबा हटाने के दौरान शाम को फिर आग की लपटें निकलने लगी। तत्काल फायर ब्रिगेड कर्मियों को फिर लगाया गया। बताया जाता है कि घटनास्थल से कैमिकल जलने की दुर्गंध आ रही थी, जो संभवत: फैक्ट्री में इस्तेमाल किया जाता है।




















